नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-105 में खाली भूखंडों में उगी घनी झाड़ियों और लावारिस कंप्लीशन हाउसों की जर्जर स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय टीम भेजी और दो घंटे के गहन निरीक्षण के बाद सख्त निर्देश दिए। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय की शिकायत के बाद महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा की अगुवाई में पहुंची टीम ने प्लॉट संख्या A-005, B-78, D-236 सहित कई समस्याग्रस्त साइटों का जायजा लिया और तुरंत सफाई व लापरवाह मालिकों पर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए।
शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई: RWA ने उठाया था सुरक्षा व स्वास्थ्य का मुद्दा
सेक्टर-105 में लंबे समय से देखरेख के अभाव में खाली पड़े भूखंड और जर्जर कंप्लीशन हाउस स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा व स्वास्थ्य का गंभीर खतरा बन गए थे। कई प्लॉटों में घनी झाड़ियां उग आई थीं, जबकि कुछ निर्माण खंडहर में तब्दील हो चुके थे, जिनमें सांप-बिच्छुओं और असामाजिक तत्वों के छिपने का खतरा बताया जा रहा था। इसी को देखते हुए सेक्टर-105 RWA के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को पत्र भेजकर तत्काल निरीक्षण और कार्रवाई की मांग की थी। आरडब्ल्यूए का स्पष्ट रुख था कि कोई व्यक्ति प्लॉट खरीदकर उसे लावारिस हालत में नहीं छोड़ सकता, क्योंकि इससे न केवल संपत्ति को नुकसान होता है बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा की टीम का दो घंटे का गहन निरीक्षण
शिकायत मिलते ही नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक श्री ए. के. अरोड़ा अपनी पूरी टीम के साथ सेक्टर-105 पहुंचे, जिनके साथ वरिष्ठ प्रबंधक श्री रोहित सिंह, अवर अभियंता श्री विक्रम मोंगा तथा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने लगभग दो घंटे तक पूरे सेक्टर का पैदल भ्रमण करते हुए एक-एक समस्या का गहनता से निरीक्षण किया और सेक्टर की सभी मुख्य कमियों को प्रमुखता से दर्ज किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक जी ने प्लॉट संख्या A-005, B-78, D-236 सहित अन्य जर्जर कंप्लीशन हाउसों और प्राधिकरण के खाली भूखंडों में फैली झाड़ियों को देखा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आवंटन के बाद भूखंडों को लावारिस छोड़ना और निवासियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
सख्त निर्देश: तुरंत सफाई और लापरवाह मालिकों पर होगी कठोर कार्रवाई
महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई योग्य सभी भूखंडों को तुरंत साफ कराया जाए तथा लापरवाह भूखंड स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आरडब्ल्यूए की मांग के अनुरूप प्राधिकरण ने ऐसे भूखंडों की जल्द से जल्द सफाई कराने और लापरवाही बरतने वाले प्लॉट मालिकों पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।
प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर के सर्वांगीण विकास एवं आवश्यक बुनियादी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का पूर्ण आश्वासन आरडब्ल्यूए अध्यक्ष को दिया है। इस त्वरित, संवेदनशील और अभूतपूर्व कार्रवाई के लिए आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने माननीय सीईओ महोदय, महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा, वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह और अवर अभियंता विक्रम मोंगा का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि प्राधिकरण की तत्परता ने निवासियों के भीतर सुरक्षा और स्वास्थ्य वातावरण के प्रति एक नया विश्वास जताया है।
यह भी पढ़ें: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, शी जिनपिंग ने ईरान युद्ध पर शांति की अपील की

