मुरादनगर में विवाहिता आकृति सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। मायके पक्ष ने पति समेत ससुराल के पांच लोगों पर दहेज में स्कॉर्पियो मांगने, मारपीट करने और दूसरी मंजिल से धक्का देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चार दिन इलाज के बाद हुई मौत
गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय आकृति सिंह की चार दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद शुक्रवार रात मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, 7 सितंबर की रात आकृति गंभीर रूप से घायल हालत में मिली थी। उसे दूसरी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मायके वालों का आरोप है कि आकृति को छत से गिराया नहीं गया, बल्कि मारपीट के बाद उसे दूसरी मंजिल से नीचे धकेला गया। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में एक महिला छत से नीचे गिरती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि, फुटेज से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि महिला खुद गिरी या उसे किसी ने धक्का दिया। इस तथ्य की पुष्टि पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
शादी से पहले ही दहेज की मांग का आरोप
मृतका के भाई प्रभात के मुताबिक, आकृति और गौरव की शादी पहले परिवार की सहमति से तय हुई थी। आरोप है कि उस समय वर पक्ष ने 30 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो की मांग रखी थी। मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और शादी टूट गई। बताया गया है कि इस मामले में दोनों परिवारों के बीच मुरादनगर थाने में समझौता भी हुआ था। शादी टूटने के बाद भी आकृति और गौरव के बीच बातचीत जारी रही।
परिवार की मर्जी के खिलाफ मंदिर में की शादी
परिजनों के अनुसार, करीब दो महीने बाद आकृति और गौरव ने परिवार की मर्जी के खिलाफ मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद गौरव आकृति को अपने घर ले गया। शुरुआत में ससुराल पक्ष इस विवाह से नाराज था, लेकिन बाद में उन्होंने दोनों को साथ रहने दिया। मायके पक्ष का आरोप है कि कुछ समय बाद गौरव और उसके परिवार ने फिर से स्कॉर्पियो की मांग शुरू कर दी। आकृति पर मायके से कार लाने का दबाव बनाया जाता था। मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।
घटना से पहले भाई को किया था फोन
भाई प्रभात का कहना है कि 7 सितंबर को आकृति ने फोन कर बताया था कि ससुराल के लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। उसने परिवार से अपनी जान को खतरा भी बताया था। कुछ देर बाद पति गौरव ने मायके वालों को फोन कर कहा कि आकृति छत से नीचे गिर गई है और उसकी हालत गंभीर है। परिजन अस्पताल पहुंचे तो आकृति गंभीर हालत में भर्ती थी। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन चार दिन बाद उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पति समेत पांच लोगों पर FIR
आकृति की मौत के बाद उसके भाई की शिकायत पर मुरादनगर थाने में पति गौरव, ससुर रमेश, सास सरोज और ननद सोनी व नेहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला दहेज हत्या और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़ा है। CCTV फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा जोर
आकृति छत से किन परिस्थितियों में गिरी।घटना के समय घर में कौन-कौन लोग मौजूद थे। CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों की फोरेंसिक जांच। मृतका के फोन कॉल, चैट और आखिरी बातचीत की पड़ताल। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों की प्रकृति और मौत का वास्तविक कारण। दहेज की मांग और पहले हुए थाने के समझौते से जुड़े दस्तावेज। फिलहाल पुलिस ने आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मामले में दर्ज FIR मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर हुई है और आरोपियों को दोषी ठहराने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
दहेज उत्पीड़न के आरोपों ने उठाए सवाल
यह घटना एक बार फिर विवाह के बाद दहेज की मांग और घरेलू हिंसा की गंभीर समस्या को सामने लाती है। परिवार की इच्छा के खिलाफ हुई शादी के बाद भी आकृति ससुराल में रह रही थी, लेकिन परिजनों के मुताबिक उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। अब परिवार पुलिस से निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आकृति की मौत हादसा थी या कथित रूप से की गई हिंसा का परिणाम।
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