नोएडा। सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर गांव में शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। लगभग 7,950 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस निर्माण को गिराने के लिए मौके पर प्राधिकरण की 7 जेसीबी मशीनें पहुंचीं। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। इस दौरान प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह, जीएम एके अरोड़ा सहित संबंधित सर्कल के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।
2002 में हुआ था जमीन अधिग्रहण, फिर भी हुआ निर्माण
प्राधिकरण के अनुसार, खसरा नंबर-412 की यह जमीन वर्ष 2002 में ही अधिग्रहित कर ली गई थी। इसके बावजूद वर्ष 2023 में निश्याम बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड और हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनियों ने इस भूमि पर कॉमर्शियल निर्माण कार्य शुरू कर दिया। प्राधिकरण ने इसे सरकारी जमीन पर किया गया अवैध कब्जा और अवैध निर्माण करार दिया था। मामला बिगड़ने पर संबंधित बिल्डर कंपनियां अदालत की शरण में चली गईं और 12 अप्रैल 2023 को उन्हें कोर्ट से प्राधिकरण की कार्रवाई के खिलाफ एकतरफा स्थगनादेश मिल गया, जिसके चलते तीन साल तक निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
तीन साल बाद कोर्ट से मिली हरी झंडी
यह मामला गौतमबुद्धनगर की अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में लंबित था। हाल ही में अदालत ने पहले दिया गया स्थगनादेश रद्द कर दिया, जिसके बाद प्राधिकरण के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया। इसी अनुमति के आधार पर शुक्रवार को प्राधिकरण ने पुलिस बल की मौजूदगी में कॉम्प्लेक्स को तोड़ने का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अवैध कब्जे हटाने का व्यापक अभियान
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित सभी जमीनों से अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हाजीपुर में चल रही यह कार्रवाई भी इसी बड़े अभियान की एक कड़ी बताई जा रही है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि आने वाले समय में ऐसी अन्य जमीनों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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