नोएडा, शहर को देश के सबसे सुरक्षित शहरों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नोएडा प्राधिकरण ने 217 करोड़ रुपये की सेफ सिटी योजना तैयार की है। इसके तहत शहर भर में 2200 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को करीब 20 हजार स्थानों पर लगे मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। योजना के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। 17 सितंबर को प्री-बिड बैठक होगी, जिसमें कंपनियों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे। प्राधिकरण के अनुसार, ये कैमरे ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, मकानों, दुकानों, अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों, मंदिर-मस्जिदों, सिनेमाघरों, पब-बार, शॉपिंग मॉल, बाजारों और औद्योगिक-व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगाए जाएंगे। इससे सड़कों के साथ-साथ गलियों और अन्य इलाकों पर भी प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
सेक्टर-94 में नया कंट्रोल रूम
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के लिए सेक्टर-94 में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के ऊपर नया कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसे मौजूदा कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की सुविधा रखी गई है। कंट्रोल रूम सीधे पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही नजदीकी थाना, चौकी, पीआरवी और डायल-112 को तुरंत अलर्ट भेजा जा सकेगा। एक महीने के अंदर कंपनी को काम अवॉर्ड कर दिया जाएगा। पूरी परियोजना को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना की जांच पहले ही आईआईटी से करवाई जा चुकी है।
फेस डिटेक्शन और हाईटेक सुविधाएं
इन कैमरों में फेस डिटेक्शन की सुविधा होगी। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज संदिग्ध बदमाश कैमरे की जद में आने पर उनकी पहचान और लाइव लोकेशन कंट्रोल रूम में तुरंत दिखाई देगी। इससे पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। पैन-टिल्ट-जूम कैमरों को किसी भी दिशा में घुमाया जा सकेगा। इनसे करीब 1700 मीटर तक जूम करके फुटेज साफ देखी जा सकेगी। बुलेट कैमरे तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों की भी स्पष्ट फुटेज रिकॉर्ड कर सकेंगे। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कंपनी पुलिसकर्मियों को पूरे सिस्टम के संचालन की ट्रेनिंग भी देगी। नोएडा प्राधिकरण का यह प्रयास शहर की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

