ग्रेटर नोएडा वेस्ट: चारमूर्ति चौक पर अंडरपास निर्माण के चलते दो सप्ताह तक बदलेगा ट्रैफिक, जानें वैकल्पिक रास्ते
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सबसे व्यस्त चारमूर्ति चौक (किसान चौक/गौड़ चौक) पर अंडरपास के ऊपरी हिस्से में पेवमेंट क्वालिटी कंक्रीट (PQC) रोड के निर्माण के कारण आज रात से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। ग्रेनो प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह के मुताबिक, चौराहे पर दोनों तरफ करीब 25-25 मीटर चौड़ाई में हैवी कंक्रीट का काम होगा, जिसके लिए उस हिस्से से वाहन आवाजाही रोकनी या सीमित करनी अनिवार्य हो गई है।
क्यों हो रहा है ट्रैफिक बदलाव?
अंडरपास के ऊपर मुख्य सड़क का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा दोनों तरफ से ट्रैफिक के लिए बंद किया जाएगा। PQC रोड निर्माण एक हैवी वर्क है, जिसमें कंक्रीट डालने और सेट होने के दौरान सड़क खोलना संभव नहीं होता। प्राधिकरण का अनुमान है कि यह काम आगामी दो सप्ताह में पूरा हो जाएगा, हालांकि भारतीय परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार को देखते हुए वाहन चालकों को थोड़ा अधिक समय मानकर चलना चाहिए।
कहां-कहां असर पड़ेगा?
यह बदलाव सीधे तौर पर उन वाहन चालकों को प्रभावित करेगा जो:
नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौर सिटी, सेक्टर-1, सेक्टर-4, सेक्टर-10 आदि) जाते हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा/एक्सप्रेसवे की ओर आते हैं।
चारमूर्ति चौक से पार्थला फ्लाईओवर/सिग्नेचर ब्रिज की ओर जाते हैं।
पिछले कुछ दिनों में भी इसी मार्ग पर ट्रक हादसे और भारी वॉल्यूम के कारण घंटों जाम लग चुका है, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान स्थिति और नाजुक हो सकती है।
प्रशासन की तैयारी और यात्रियों से अपील
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की अपील की गई है ताकि डायवर्जन पॉइंट्स पर यातायात सुचारू रहे।
यात्रियों से कहा गया है कि वे पुलिस के भरोसे बैठने के बजाय खुद सतर्क रहें और वैकल्पिक मार्गों का चयन करें।
घर से निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूर जान लें और अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
संभावित वैकल्पिक मार्ग (Alternative Routes)
हालांकि आधिकारिक डायवर्जन रूट का विस्तृत नक्शा प्राधिकरण द्वारा अलग से जारी किया जाता है, लेकिन मौजूदा स्थिति और आसपास के रोड नेटवर्क को देखते हुए वाहन चालक इन रास्तों पर विचार कर सकते हैं:
नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर:
एक्सप्रेसवे से सीधे चारमूर्ति चौक के बजाय पार्थला फ्लाईओवर/सिग्नेचर ब्रिज रूट होकर गौर सिटी की ओर जाना।
कुछ सेक्टर्स के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के अन्य एंट्री/एग्जिट पॉइंट्स का उपयोग करके आंतरिक रोड्स से गंतव्य तक पहुंचना।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा की ओर:
चारमूर्ति चौक के बजाय आसपास के सेक्टर्स (जैसे सेक्टर-4, सेक्टर-10, सेक्टर-12 आदि) के आंतरिक रोड्स से होते हुए पार्थला या अन्य फ्लाईओवर/अंडरपास का उपयोग करके एक्सप्रेसवे तक पहुंचना।
भारी वाहन चालक विशेष रूप से सावधान रहें और संभव हो तो पीक आवर्स (सुबह 8–10 बजे, शाम 6–9 बजे) में इस मार्ग से बचें।
आगे की बड़ी योजनाएं: जाम से स्थायी राहत की उम्मीद
चारमूर्ति चौक की ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई बड़ी परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं:
गौड़ अंडरपास: दीपावली 2026 से पहले इसे शुरू करने की तैयारी है, जिससे सूरजपुर-गाजियाबाद रोड और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के व्यस्त हिस्से में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।[amarujala +1]
•पार्थला गोलचक्कर पर 6 लेन अंडरपास: नोएडा प्राधिकरण ने सिग्नेचर ब्रिज के नीचे 710 मीटर लंबा 6 लेन अंडरपास बनाने को मंजूरी दी है, जो छिजारसी-सोरखा रूट और FNG कॉरिडोर के ट्रैफिक को राहत देगा।
•नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नया फ्लाईओवर: सेक्टर-148 और सेक्टर-150 के बीच 500 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनेगा, जिससे एक्सप्रेसवे पार करने के लिए मौजूदा अंडरपास पर दबाव कम होगा।
•ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो: NMRC जल्द ही नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक 8.4 किमी मेट्रो कॉरिडोर के लिए टेंडर फ्लोट करेगा, जिससे गौर चौक स्ट्रेच पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
नागरिकों से अपील
शहर के विकास के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत होना जरूरी है, लेकिन निर्माण कार्यों के दौरान बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग का अभाव आम जनता के लिए सिरदर्द बन जाता है। फिलहाल, अगले कुछ हफ्तों तक चारमूर्ति चौक से गुजरते वक्त अत्यधिक सावधानी बरतें, थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें और यातायात नियमों का पालन करें।
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