ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। प्राधिकरण के सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन दीपक कुमार ने की। बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह, सुमित यादव और यीडा के ओएसडी शैलेंद्र सिंह सहित वित्त, प्रोजेक्ट व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों के अलावा सड़क कनेक्टिविटी, श्रमिक कल्याण और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी अहम निर्णय लिए गए।
130 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी डबल डेकर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए आवागमन को आसान बनाने के मकसद से बोर्ड ने 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (नेशनल हाइवे-24) से जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नोएडा और यमुना प्राधिकरण की सहमति के साथ यह परियोजना आगे बढ़ाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से लेकर ‘एक मूर्ति’ गोलचक्कर तक डबल डेकर सड़क बनाई जाएगी, जिसकी लागत करीब 756.01 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस राशि को यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण मिलकर समान रूप से वहन करेंगे। दूसरे चरण में शेष मार्ग का निर्माण पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे फेस-1, फेस-2 और डीएनजीआईआर
शहर में यातायात दबाव कम करने और औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए बोर्ड ने 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का फैसला लिया है। फेस-1 क्षेत्र में इस सड़क का करीब 6 किलोमीटर हिस्सा पहले ही तैयार है, अब फेस-2 के तहत जुनपत गांव से ईस्टर्न पेरिफेरल तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इस मार्ग पर रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड क्रॉसिंग पर कुल तीन ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं। सड़क को 10 लेन के साथ 4 सर्विस लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा किया जाएगा, जबकि भूमि अधिग्रहण की लागत ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण 50:50 के अनुपात में उठाएंगे। इस परियोजना से ग्रेटर नोएडा फेस-1, फेस-2 और डीएनजीआईआर क्षेत्र सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे।
ग्राम रिठौरी में बनेगा फुटओवर ब्रिज
लंबे समय से आवागमन की समस्या झेल रहे ग्राम रिठौरी के लोगों को राहत देते हुए बोर्ड ने गांव में फुटओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया है। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने वर्ष 2022 में इस संबंध में पत्र लिखा था, जिसके बाद डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के साथ संयुक्त निरीक्षण के बाद इस पर सहमति बनी। ब्रिज निर्माण का पूरा खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उठाएगा, जिससे ग्रामीणों को रेलवे लाइन पार करने में सुविधा होगी।
श्रमिकों के लिए बड़ी राहत: पतवाड़ी-बिरौंडी में EWS फ्लैट, इकोटेक-11 में ट्रांजिट हॉस्टल
किसानों से जुड़े फैसलों के अलावा प्राधिकरण ने इस बैठक में श्रमिकों और युवाओं के हित में भी अहम कदम उठाए हैं। ग्रेटर नोएडा में रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को महंगे आवास के कारण अक्सर अनधिकृत कॉलोनियों में रहना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्राधिकरण ने पतवाड़ी और बिरौंडी गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए फ्लैट बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है और इसी वर्ष के अंत तक निर्माण शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के तहत सेक्टर इकोटेक-06 और इकोटेक-11 में 3000-3000 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की गई है। यह जमीन प्राधिकरण श्रम विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करेगा, जिसके बाद वहां ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जाएंगे, जहां श्रमिक न्यूनतम किराए पर रहकर रोजगार तलाश सकेंगे।
सेक्टर अल्फा-1 में बनेगा आधुनिक पुस्तकालय
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं की सुविधा के लिए बोर्ड ने सेक्टर अल्फा-1 में एक सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने को भी मंजूरी दी है। इससे स्थानीय छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर और शांत माहौल मिल सकेगा। 144वीं बोर्ड बैठक में लिए गए इन फैसलों से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी, रियल एस्टेट, औद्योगिक निवेश के साथ-साथ श्रमिक कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-24) से जोड़ने की मंजूरी, पहले चरण की लागत ₹756.01 करोड़
105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का निर्णय, फेस-1, फेस-2 और डीएनजीआईआर को होगा फायदा
ग्राम रिठौरी में फुटओवर ब्रिज को मंजूरी
पतवाड़ी व बिरौंडी में श्रमिकों के लिए EWS फ्लैट, इकोटेक-06 व इकोटेक-11 में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल
सेक्टर अल्फा-1 में छात्रों के लिए आधुनिक पुस्तकालय
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