नोएडा। साइबर ठगों ने ऑनलाइन सामान खरीदने, एपीके फाइल डाउनलोड कराने और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर तीन लोगों से करीब 19 लाख रुपए ठग लिए। सामान न पहुंचने, रकम वापस न मिलने और मोबाइल पर बैंक के मैसेज आने के बाद पीड़ितों को ठगी का पता चला। तीनों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही बुधवार को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है।
केस 1: हाइड्रोलिक उपकरण के ऑर्डर में गंवाए 5 लाख रुपए
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी कारोबारी दिलीप कुमार इंटरनेट मीडिया पर हाइड्रोलिक उपकरण खरीदने की जानकारी जुटा रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने खुद को सप्लायर बताकर उनसे संपर्क किया। दिलीप ने 9 मई को उपकरण का ऑर्डर दिया। ठग ने कहा कि माल एयरपोर्ट पहुंच गया है और उसे छुड़ाने के लिए 5 लाख रुपए भेजने होंगे। दिलीप ने रकम ट्रांसफर कर दी, लेकिन एक सप्ताह बाद भी सामान नहीं पहुंचा। संपर्क करने की कोशिश की तो सप्लायर का मोबाइल बंद मिला, जिसके बाद ठगी का एहसास हुआ।
केस 2: आईजीएल बिल के नाम पर APK फाइल भेज उड़ाए 6 लाख
दादरी निवासी और एनटीपीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रिय रंजन को ठगों ने आईजीएल बिल के नाम पर एक एपीके फाइल डाउनलोड करा दी। फाइल डाउनलोड होते ही ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद 10 जुलाई को उनके बैंक खाते से 6 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। मोबाइल पर बैंक का मैसेज आने पर उन्हें रकम निकलने की जानकारी मिली।
केस 3: शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 6 लाख की ठगी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी भरत को 1 जनवरी को अनन्या नाम की महिला ने फोन किया और खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते हुए सेमको कंपनी के शेयर में निवेश का झांसा दिया। महिला ने एक ऐप डाउनलोड कराया और शुरुआत में 3 हजार रुपए का मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद भरत ने करीब 6 लाख रुपए निवेश कर दिए। जब उन्होंने मुनाफे समेत रकम निकालनी चाही, तो ठगों ने टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे और न देने पर खाता फ्रीज करने की धमकी दी। इसके बाद ठगों ने बातचीत भी बंद कर दी।
एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
तीनों पीड़ितों ने साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई और साइबर क्राइम थाने में भी मुकदमे दर्ज कराए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और लेनदेन से जुड़े बैंक खातों व मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है।

