Farmer Compensation: ग्रेटर नोएडा के किसानों की बल्ले-बल्ले, मुआवजा 55.5% बढ़ा, आबादी भूखंड भी वापस

Farmer Compensation: ग्रेटर नोएडा,  ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने यहां के किसानों को बड़ी राहत देते हुए भूमि मुआवजे की दर में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। शासन के निर्देश पर हुई बोर्ड बैठक में मौजूदा मुआवजा दर 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। इस तरह किसानों को प्रति वर्ग मीटर 2,290 रुपये का सीधा फायदा होगा, जो करीब 55.5 प्रतिशत की वृद्धि है। प्राधिकरण के अनुसार यह ग्रेटर नोएडा के इतिहास में मुआवजा दर में हुई अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी है।

6% आबादी भूखंड का प्रावधान 10 साल बाद फिर लागू

बोर्ड ने वर्ष 2016 में समाप्त कर दी गई छह फीसदी आबादी भूखंड की व्यवस्था को भी दोबारा बहाल कर दिया है। जो किसान आबादी भूखंड का विकल्प नहीं चुनेंगे, उन्हें पूरे 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। वहीं जो किसान छह फीसदी आबादी भूखंड का विकल्प चुनेंगे, उन्हें 5,725 रुपये प्रति वर्ग मीटर नकद मुआवजे के साथ भूखंड भी दिया जाएगा। आबादी भूखंड के लिए अलग से नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जिन्हें अन्य आवासीय, औद्योगिक और बिल्डर सेक्टरों की तरह ही व्यवस्थित रूप से बसाया जाएगा। भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 40 वर्ग मीटर और अधिकतम 2,500 वर्ग मीटर रखा गया है। प्रमुख मार्गों से सटी जमीन वाले किसानों को भूखंड आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।

रजिस्ट्री के साथ ही मिलेगा आरक्षण पत्र

प्राधिकरण ने प्रक्रिया को सरल बनाते हुए तय किया है कि जमीन की रजिस्ट्री के समय ही किसानों को आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र जारी कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें बाद में दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। मुआवजे की पूरी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। जमीन पर मौजूद निर्माण या अन्य परिसंपत्तियों के लिए अलग से मुआवजा दिया जाएगा। अधिग्रहण प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए एसीईओ (ACEO) की अध्यक्षता में एक जमीन अधिग्रहण सेल गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जो किसानों को पूरी प्रक्रिया में सहयोग देगी।

वर्षवार मुआवजा दर

| वर्ष | मुआवजा दर (रुपये प्रति वर्ग मीटर) |

|—|—|

| 2014-15 से 2021-22 | 3,500 |

| 2022-23 | 3,750 |

| 2023-24 | 4,125 |

| 2026-27 | 6,415 |

पिछले कुछ वर्षों में मुआवजे में वृद्धि बेहद मामूली रही थी—2022-23 में सिर्फ 250 रुपये और 2023-24 में मात्र 375 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी हुई थी। ऐसे में इस बार की 2,290 रुपये की एकमुश्त बढ़ोतरी को किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

किसानों की लंबे समय से थी मांग

गौरतलब है कि मुआवजा बढ़ाने और आबादी भूखंड बहाल करने की मांग को लेकर ग्रेटर नोएडा के किसान लगातार आंदोलनरत रहे हैं। बीते महीनों में किसान प्राधिकरण दफ्तर तक बैलगाड़ी लेकर पहुंचे थे और 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड व अतिरिक्त मुआवजे की मांग रखी थी। प्राधिकरण के इस फैसले को उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है, हालांकि किसान संगठनों की मांग अभी भी इससे कुछ अधिक की रही है। प्राधिकरण प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मकसद किसानों को सिर्फ जमीन का मूल्य देना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रेटर नोएडा के भविष्य के विकास और आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनाना है।
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