Gen-Alpha on the roads in Lucknow: लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर जेन-अल्फा पीढ़ी एक बार फिर सड़कों पर उतर आई। सोमवार सुबह करीब 7 बजे झमाझम बारिश के बीच लगभग 250 छात्राएं दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर इकट्ठा हो गईं और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। ये सभी छात्राएं मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की हैं, जहां 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। इस स्कूल का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है।
2-3 किलोमीटर लंबा जाम, 4 थानों की पुलिस मौके पर
प्रदर्शन के चलते बाईपास के चारों ओर 2 से 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। अफरा-तफरी के बीच पुलिस सक्रिय हुई और 4 थानों व चौकियों से फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने करीब 2 घंटे तक छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे DM को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। बात न बनने पर छात्राएं हजरतगंज स्थित DM आवास की ओर पैदल चल दीं।
लखनऊ-हरदोई हाईवे पर रॉन्ग साइड दौड़ीं छात्राएं, 8 किमी बाद रुकीं
छात्राएं लखनऊ-हरदोई हाईवे पर रॉन्ग साइड दौड़ने लगीं, पुलिसकर्मी भी उनके पीछे-पीछे दौड़ पड़े। मोहान रोड से करीब 8 किलोमीटर दूर बालागंज चौराहे पर पहुंचने पर एसीपी काकोरी शकील अहमद और एडीसीपी धनंजय ने उन्हें रोका। अधिकारियों ने वहीं समाज कल्याण विभाग के अफसरों से फोन पर बात कर पूरी स्थिति बताई। अधिकारियों ने स्कूल आकर सीधे बातचीत का भरोसा दिया, जिसके बाद छात्राएं मान गईं और वापस विद्यालय लौट गईं।
प्रमुख सचिव खुद पहुंचे स्कूल, कीचड़ में पैदल चले
छात्राओं से मिलने समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, सचिव व निदेशक संजीव सिंह और सरोजनीनगर एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह विद्यालय पहुंचे। तेज बारिश के बीच प्रमुख सचिव कुछ दूर तक कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुंचे। सुबह 11:30 बजे से विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एसडीएम और स्कूल के शिक्षक छात्राओं से बातचीत कर रहे हैं।
फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी के शिक्षक ही नहीं
छात्राओं का कहना है कि स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक ही नहीं हैं। साल भर से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ गई। इंटरनेट की उचित व्यवस्था न होने से छात्राएं ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले पातीं, जबकि इसी साल कई छात्राओं की बोर्ड परीक्षा भी है।
3 दिन पहले भी सटे स्कूल के छात्र उतरे थे सड़क पर
इससे पहले 14 अगस्त को इसी विद्यालय के बगल में स्थित सर्वोदय विद्यालय (बालक) के छात्रों ने भी आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली लिंक रोड जाम कर दी थी। उस दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण खुद उस जाम में फंस गए थे। उन्होंने छात्रों को समझाकर वापस स्कूल भेजा और कहा था कि प्रदर्शन का तरीका भले ही सही न हो, लेकिन बात मान लेना सराहनीय है। राज्यमंत्री असीम अरुण ने तब बताया था कि समाज कल्याण विभाग लखनऊ में 2 सर्वोदय विद्यालय चलाता है और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पिछले साल अतिथि वक्ताओं की व्यवस्था की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट से रोक लग गई थी। इस मामले में 17 अगस्त की तारीख तय है।
सचिव बोले- वार्डन, स्पोर्ट्स टीचर और टाइमिंग को लेकर शिकायत
समाज कल्याण विभाग के सचिव व निदेशक संजीव सिंह ने स्कूल से बाहर आकर बताया कि छात्राओं की प्रमुख मांगों पर बातचीत की जा रही है। बच्चों ने मुख्य रूप से वार्डन और स्पोर्ट्स टीचर को लेकर शिकायत की है। इसके अलावा स्कूल की टाइमिंग पर भी आपत्ति जताई गई है। फिलहाल प्रिंसिपल को लेकर कोई शिकायत नहीं है। कुछ छात्राओं ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति देने की मांग भी रखी है।
पुलिस बोली- स्थिति सामान्य, बातचीत जारी
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की पश्चिमी जोन पुलिस ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि कानपुर बाईपास पर यातायात सामान्य हो चुका है। पुलिस के अनुसार सूचना मिलते ही एडीसीपी पश्चिमी, एसीपी काकोरी, एसडीएम और सीडीओ मौके पर पहुंचे और छात्र-छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। सभी छात्राएं सकुशल विद्यालय परिसर में वापस पहुंच चुकी हैं और वरिष्ठ अधिकारी उनसे वार्ता कर रहे हैं। मौके पर समाज कल्याण विभाग के उच्चाधिकारी, पुलिस अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूल के शिक्षक मौजूद हैं।
मोहान रोड पर दो सर्वोदय विद्यालय, एक बालिकाओं के लिए
समाज कल्याण विभाग मोहान रोड पर दो सर्वोदय विद्यालय संचालित करता है, जिनमें से एक बालिकाओं के लिए है। 14 अगस्त को छात्रों ने स्कूल के सामने ही मोहान रोड पर प्रदर्शन किया था। 17 अगस्त को बगल के ही सर्वोदय बालिका विद्यालय की छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। छात्राएं सुबह 6 बजे स्कूल से निकलीं और करीब ढाई किलोमीटर दूर दुबग्गा-कानपुर बाईपास पहुंचकर चौराहा जाम किया। इसके बाद वे DM आवास की ओर बढ़ीं, जिन्हें पुलिस ने 8 किलोमीटर बाद बालागंज में रोका। दुबग्गा-कानपुर बाईपास पर छात्रा अनामिका ने बताया, “स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो के टीचर नहीं हैं। इस साल हमारा बोर्ड का पेपर होगा। पढ़ाई नहीं हो पा रही है। ऑनलाइन जो पढ़ाई चल रही है, उसमें हम ठीक से जुड़ नहीं पा रहे हैं।”

