Jeff Bezos Liverpool stake deal: अमेजन फाउंडर और एडुआर्डो सावेरिन का निवेश

Jeff Bezos Liverpool stake deal: लंदन/बेंगलुरु, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस सहित एक निवेशक समूह प्रीमियर लीग के दिग्गज क्लब लिवरपूल एफसी में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी हासिल करने के सौदे के बेहद करीब पहुंच गया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डील क्लब की वैल्यूएशन को लगभग 4.4 बिलियन पाउंड (करीब 5.9 बिलियन डॉलर) पर पहुंचा सकती है, जो फुटबॉल क्लब सौदों के इतिहास में सबसे बड़ी वैल्यूएशनों में से एक होगी।

स्काई न्यूज और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कंसोर्टियम का नेतृत्व अमित भाटिया कर रहे हैं। भाटिया स्टील मैग्नेट लक्ष्मी मित्तल के दामाद हैं और पहले क्वींस पार्क रेंजर्स (क्यूपीआर) के शेयरधारक रह चुके हैं। समूह में बेजोस के अलावा फेसबुक के सह-संस्थापक एडुआर्डो सावेरिन भी शामिल हैं।

क्लब के मौजूदा मालिक फेनवे स्पोर्ट्स ग्रुप (एफएसजी) इस लेन-देन का ऐलान इस सप्ताह के भीतर कर सकते हैं, हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि यह अगले सप्ताह तक खिसक भी सकता है। एफएसजी ने 2010 में लिवरपूल का अधिग्रहण किया था और तब से क्लब पर नियंत्रण बनाए रखा है। कंपनी पिछले कुछ वर्षों से बाहरी निवेश की तलाश कर रही थी, लेकिन नियंत्रण अपने पास रखना चाहती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह निवेश क्लब को लगभग 4.4 बिलियन पाउंड की वैल्यूएशन देगा। एफएसजी के 16 साल के स्वामित्व काल में लिवरपूल की कीमत में भारी वृद्धि हुई है। 2023 में कंपनी ने डायनेस्टी इक्विटी को क्लब का छोटा सा हिस्सा (करीब 3 प्रतिशत) बेचा था। लिवरपूल और एफएसजी ने इन रिपोर्ट्स पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जुलाई में एफएसजी ने एक बयान में कहा था कि अमित भाटिया के नेतृत्व वाले निवेशक समूह ने क्लब में रणनीतिक अल्पसंख्यक निवेश में रुचि जताई है।

क्लब की मौजूदा स्थिति

लिवरपूल ने 2025 में प्रीमियर लीग का खिताब जीता था। अब क्लब संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। प्रबंधक अर्ने स्लॉट और प्रमुख स्ट्राइकर मोहम्मद सलाह के जाने के बाद टीम में बदलाव दिख रहे हैं। जुलाई में माइकल एडवर्ड्स ने भी एफएसजी में फुटबॉल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़ दिया था। एडवर्ड्स को 2020 में क्लब के 30 साल बाद लीग खिताब जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है।

डील का महत्व

यह सौदा पूरा होने पर बेजोस, सावेरिन और भाटिया लिवरपूल के सह-मालिक बन जाएंगे। बेजोस की संपत्ति फोर्ब्स के अनुसार 200 बिलियन डॉलर से अधिक आंकी गई है। सावेरिन भी अरबपति हैं। लक्ष्मी मित्तल परिवार की भी मजबूत वित्तीय बैकिंग बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश क्लब को अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराएगा, जिससे ट्रांसफर मार्केट और इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती मिल सकती है। साथ ही, यह प्रीमियर लीग क्लबों में टेक दिग्गजों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है। एफएसजी के पास नियंत्रण रहने से क्लब की मौजूदा प्रबंधन शैली में तुरंत बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन लंबे समय में यह पूर्ण अधिग्रहण की दिशा में कदम भी साबित हो सकता है। अभी डील को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और दोनों पक्षों से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो लिवरपूल एफसी के स्वामित्व ढांचे में यह एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

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