Student protest in Ranchi: रांची, झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, ओएमआर धांधली और वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं को लेकर छात्रों का गुस्सा सोमवार (10 अगस्त 2026) को चरम पर पहुंच गया। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मोर्चा के बैनर तले हजारों अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने पर वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कई छात्र घायल हुए। इसी बीच सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई के दौरान बिहार के छात्रों की तरह वाटर कैनन की धार में नाचने का दृश्य पेश किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
आंदोलन 25 जुलाई से शुरू हुआ था, जब 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (अप्रैल 2026 में हुई) के नतीजे आने के बाद ओएमआर शीट वायरल हुई। एक सफल अभ्यर्थी की कथित शीट में सिर्फ 48 सवाल हल दिखे, फिर भी वह क्वालीफाई हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि लखनऊ की टीडीपीएल कंपनी (जो पहले ब्लैकलिस्टेड थी) को परीक्षा का ठेका दिया गया, कट-ऑफ और अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, और पिछले कई सालों से जेएसएससी-सीजीएल समेत कई परीक्षाओं में पेपर लीक और देरी होती रही है। इससे कई अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर चुके हैं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो नौ दिन से भूख हड़ताल पर हैं। छह अभ्यर्थी (दो महिलाएं सहित) अनशन पर बैठे हैं। मांगें हैं—14वीं जेपीएससी पीटी रद्द हो, पिछले सात साल की सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई या बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से जांच हो, जेपीएससी-जेएसएससी में सुधार और परीक्षा कैलेंडर जारी हो। सरकार ने कुछ मांगें मान लीं (तीन परीक्षाएं रद्द करने और ईडी जांच की सहमति), लेकिन छात्र असंतुष्ट हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन पर अभ्यर्थी पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर बढ़े। कई बैरिकेड तोड़े। जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम बैरिकेड पर पुलिस ने वाटर कैनन दागे। अभ्यर्थी झंडे लेकर नाचने लगे। फिर लाठीचार्ज और आंसू गैस चली। कुछ छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए। विधानसभा स्थगित कर दी गई।
सीआईडी ने पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते (पूर्व मुख्य सचिव, फरवरी 2025 में नियुक्त, 22 जुलाई को इस्तीफा) को गिरफ्तार किया। उन पर ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने और कथित रिश्वत के आरोप हैं। अब तक करीब 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। रविवार को तीन जेपीएससी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। सरकार का कहना है कि सख्त कार्रवाई हो रही है और अधिकांश मांगें मान ली गई हैं। छात्र कहते हैं—जब तक पूरी पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड का यह युवा आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार के प्रदर्शनों की गूंज बन चुका है।

