Noida News: गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराधियों से कथित सांठगांठ के आरोप में एक सिपाही को गिरफ्तार कर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने आरोपी आरक्षी पुनीत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के सामने आने के बाद की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
पुलिस के अनुसार, बुधवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए, जिनमें जिले में तैनात आरक्षी पुनीत एक महिला से संदिग्ध परिस्थितियों में बातचीत करता दिखाई दे रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अपराधियों के साथ कथित सांठगांठ और अनुचित लाभ लेने की आशंका मिली। वीडियो में दिखाई देने वाली महिला को पुलिस ने गांजा तस्करी के मामलों में कुख्यात हेमा बताया है। वायरल वीडियो के आधार पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
पहले वायरल वीडियो में एक महिला बिस्तर पर रखे गांजे के पैकेट के साथ किसी व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत करती नजर आती है। बातचीत के दौरान महिला कथित तौर पर कहती है कि इस बार भेजा गया माल ठीक नहीं है और उसमें पहले जैसा नशा नहीं है। दूसरी ओर से बात करने वाला व्यक्ति माल की फोटो भेजने और गांजे का रेट पूछने की बात करता सुनाई देता है। दूसरे वीडियो में वही महिला कथित तौर पर गांजे का नया ऑर्डर देती हुई दिखाई देती है। इन वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के बाद सिपाही गिरफ्तार, सेवा से बर्खास्त
वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए जाने पर आरक्षी पुनीत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्या केवल एक सिपाही तक सीमित है मामला?
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि जांच केवल एक आरोपी तक सीमित न रहे। यदि जांच निष्पक्ष, गहन और सभी डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन तथा संभावित संपर्कों के आधार पर की जाए, तो पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आ सकती है। हालांकि, यह कहना कि अन्य पुलिसकर्मी भी इस मामले में शामिल हैं, फिलहाल जांच पूरी होने से पहले प्रमाणित नहीं है। इसलिए किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि केवल जांच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।
निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
विशेषज्ञों का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में केवल तस्करों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी समान रूप से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

