Chinese national arrested in Greater Noida: ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने जेपी ग्रीन्स सोसायटी में कार्रवाई करते हुए एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले कई वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का वीजा 2020 में समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह फर्जी पहचान-पत्रों के सहारे अपनी मौजूदगी छिपाकर ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनके आधार पर वह कथित तौर पर कारोबारी गतिविधियां चला रहा था|
रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अपनी पत्नी के नाम पर कंपनी संचालित कर रहा था, जिसके जरिए उसके वित्तीय और व्यावसायिक लेनदेन की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब यह खंगाला जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों की व्यवस्था किसने की, किन स्थानीय लोगों की मदद ली गई और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने जेपी ग्रीन्स सोसायटी से एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसका वीजा वर्ष 2020 में ही समाप्त हो चुका था और वह कथित तौर पर फर्जी आधार-पैन कार्ड के सहारे भारत में अवैध रूप से रह रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी के नाम पर कंपनी चला रहा था और उसकी गतिविधियों की कई स्तरों पर पड़ताल की जा रही है।
क्या हुआ
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सांग सिओमाओ के रूप में हुई है, जो ग्रेटर नोएडा की एक आवासीय सोसायटी में रह रहा था। सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई में उसके पास से एक्सपायरी वीजा, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये दस्तावेज किसने बनवाए और इनके जरिए किन-किन कामों को अंजाम दिया गया।
जांच का दायरा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस और संबंधित एजेंसियां आरोपी के कारोबारी नेटवर्क, बैंकिंग लेनदेन और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि वह पत्नी के नाम पर कंपनी चला रहा था, जिससे उसकी व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर संदेह और गहरा गया है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

