CJP Protest Live Updates: नई दिल्ली, छात्रों के भविष्य को लेकर उठे NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन तेज हो गया है। जंतर मंतर पर जारी धरने के बीच CJP ने कल 24 जुलाई को पूरे देश में ‘पुलिस ब्रूटैलिटी’ के खिलाफ राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली में कनॉट प्लेस के दुकानदारों को जल्दी बंद करने की सलाह दी गई है, जबकि सुरक्षा बलों ने तनावपूर्ण माहौल में सख्ती बरती है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देरी से प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि 34 दिन बाद मुद्दे को स्वीकार करना ‘शर्मनाक’ है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और केंद्र पर छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। दिपके ने हाल ही में बीमारी के कारण प्रदर्शन स्थल से थोड़ी देर के लिए रुखसत ली, लेकिन आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया।
जंतर मंतर पर तनाव और पुलिस कार्रवाई
20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरें आईं। दिल्ली पुलिस के एक एसीपी समेत कई जवान घायल हुए। पुलिस ने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने मास्क पहनकर हमला किया, जबकि CJP ने इसे ‘पुलिस ब्रूटैलिटी’ करार दिया। कई छात्र घायल हुए और FIR दर्ज की गईं। कनॉट प्लेस (CP) में दुकानों को जल्दी बंद करने की सलाह दी गई है। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने और ट्रैफिक व्यवधान से कारोबार पर भारी असर पड़ा है। व्यापारिक संगठनों ने नुकसान की शिकायत की है।
केंद्र और विपक्ष की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अमित शाह से मुलाकात के बाद बताया कि CJP को चार बार बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने जेपी नड्डा के निवास या अन्य स्थानों पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स गठित करने की घोषणा की और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी। विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने तीन मांगें रखीं – प्रधान का इस्तीफा, छात्रों से माफी और हमलावरों पर कार्रवाई। प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, मेहबूबा मुफ्ती और असदुद्दीन ओवैसी समेत कई नेताओं ने छात्रों का समर्थन किया। कांग्रेस ने संसद में चर्चा की मांग की, जबकि BJP ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।
अन्य प्रमुख घटनाएं
सोनम वांगचुक: लद्दाखी कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर हैं और CJP का समर्थन कर रहे हैं।
अन्य समर्थन: अन्ना हजारे ने साइलेंट फास्ट किया, सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने ‘सेव डेमोक्रेसी’ नारा लगाया, फिजिक्स वाला के अलख पांडे ने प्रदर्शनकारियों का साथ दिया।
अन्य राज्यों में: बिहार के बेगूसराय और पटना में हिंसा हुई, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां हुईं।
CJP ने छात्र संघों से अपील की है कि वे स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन आयोजित करें, छात्रों की मांगें पढ़ें और पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाएं। आंदोलनकारी शांतिपूर्ण रहने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं के भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। CJP, जो सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अभियान से शुरू हुआ, अब लाखों युवाओं को जोड़ चुका है। कल का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन इसकी ताकत और भविष्य तय करेगा। अपडेट्स के लिए बने रहें। विकास पर नजर रखी जा रही है।

