Greater Noida News: थाना कासना साइबर हेल्प डेस्क की कार्रवाई, साइबर फ्रॉड के पीड़ित को लौटाए ₹2.08 लाख

गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कासना की साइबर हेल्प डेस्क ने साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति के 2,08,723.20 रुपये वापस कराकर उसे बड़ी राहत दिलाई है। पीड़ित ने अपने खाते में रकम वापस आने पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए साइबर हेल्प डेस्क की सराहना की।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस लगातार साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न साइबर सुरक्षा अभियान चला रही है। पुलिस नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी देने के साथ-साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, थाना कासना को एनसीआरबी (NCRP) पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि उसके साथ 3,15,000 रुपये की साइबर ठगी हुई है। शिकायत मिलते ही थाना कासना की साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हुई और संबंधित बैंक एवं अन्य एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित कर धनराशि को ट्रेस करने और रिकवर कराने की प्रक्रिया शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद साइबर हेल्प डेस्क ने 2,08,723.20 रुपये की राशि सफलतापूर्वक रिकवर कर पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत दर्ज कराने और त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ी धनराशि वापस कराई जा सकी।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो वह बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करें। समय पर सूचना देने से ठगी गई रकम को फ्रीज कर वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से भी बचें।

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