आम्रपाली में मौत: नोएडा। बड़े शहरों में अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली सिलिकॉन सिटी सोसाइटी की 11वीं मंजिल पर बने एक फ्लैट में रविवार शाम एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव मिला। जांच में पता चला कि उनकी मौत करीब तीन दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन फ्लैट से लगातार आ रही दुर्गंध के बाद ही पड़ोसियों को इसकी भनक लगी।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार शाम फ्लैट से तेज बदबू उठने पर पड़ोसियों ने पहले सोसाइटी के गार्ड को और फिर पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा खुलवाया तो अंदर की बिजली कटी हुई थी और ड्राइंग रूम के सोफे पर बुजुर्ग का शव पड़ा मिला। यह घटना थाना सेक्टर-113 क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
कौन थे मृतक
मृतक की पहचान 68 वर्षीय राजीव अरोड़ा के रूप में हुई है, जो शेयर बाजार में ट्रेडिंग का काम करते थे। वह पिछले करीब छह महीने से इस फ्लैट में अकेले किराए पर रह रहे थे। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है, दोनों विवाहित हैं। उनका इंजीनियर बेटा लंदन में नौकरी करता है, जबकि बेटी इंडोनेशिया के बाली में रहती है। राजीव अरोड़ा की पत्नी से कई साल पहले ही अलगाव हो चुका था और वह नोएडा के सेक्टर-128 में अलग रहती हैं।
आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव की बात आई सामने
परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि हाल के दिनों में शेयर बाजार में राजीव अरोड़ा को भारी नुकसान हुआ था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी और वे मानसिक तनाव में रहने लगे थे। बताया जा रहा है कि फ्लैट का बिजली बिल और किराया समय पर न चुकाए जाने को लेकर मकान मालिक से भी उनका विवाद चल रहा था।
पुलिस जांच और आशंका
थाना सेक्टर-113 के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक या ब्रेन हेमरेज हो सकता है, हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत जुटाए गए और मृतक की पत्नी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस सोसाइटी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझा जा सके।
अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर बड़े शहरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और सामाजिक देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। संयुक्त परिवार टूटने और बच्चों के विदेश या दूसरे शहरों में बस जाने के कारण बड़ी संख्या में बुजुर्ग अकेले रहने को मजबूर हैं, जिनकी सुध लेने वाला आसपास कोई नहीं होता। इससे पहले भी नोएडा के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र की एक सोसाइटी में अकेले रह रहे एक डॉक्टर का शव भी उनके फ्लैट में मिल चुका है। वहीं ग्रेटर नोएडा की आम्रपाली रिवर व्यू सोसाइटी में भी एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आ चुका है, जिसमें आर्थिक तंगी और अवसाद को वजह बताया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सोसाइटी प्रबंधन, पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों को अकेले रहने वाले बुजुर्गों का नियमित हालचाल लेते रहना चाहिए, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में समय रहते मदद पहुंचाई जा सके। पुलिस जांच अभी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। इस खबर को अपडेट किया जाता रहेगा।

