कश्मीर में क्लाउडबर्स्ट से मची तबाही, हिमाचल में 16 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
Uttarakhand: नई दिल्ली। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, नदियां उफान पर हैं और प्रशासन ने लोगों व पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
Uttarakhand:
कश्मीर में दो जगह बादल फटा, प्रशासन अलर्ट पर
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चित्रगुल के ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने से ‘नाला आरपत चित्रगुल शांगस’ में अचानक बाढ़ आ गई। इसके कुछ ही देर बाद पर्यटन स्थल पहलगाम के ‘नाला आवूरा’ क्षेत्र में भी क्लाउडबर्स्ट हुआ, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। हालांकि, पहलगाम के होटलों में ठहरे सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। प्रशासन ने पुलिस, आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया है।
Uttarakhand: उत्तराखंड में 91 सड़कें बंद, 11 बांधों में बढ़ा जलस्तर
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन से एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो स्टेट हाईवे समेत कुल 91 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे अधिक प्रभावित पौड़ी गढ़वाल में 21, चमोली में 19, टिहरी में 17 और पिथौरागढ़ में 10 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग मलबा हटाकर मार्ग खोलने में जुटा है, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन से कार्य प्रभावित हो रहा है।
राज्य के 11 बांध और बैराजों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी तथा बदरीनाथ क्षेत्र के पास अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जबकि ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर फिलहाल कुछ कम हुआ है।
Uttarakhand:
हिमाचल में पांच दिन भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 12 से 16 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।
बीते 24 घंटे में अच्छी बारिश
प्रदेश के जोगिंद्रनगर में सर्वाधिक 6 सेंटीमीटर, मनाली में 5 सेंटीमीटर और सराहन में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुंदरनगर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
तीनों राज्यों के प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और फिसलन भरी सड़कों से दूर रहने की अपील की है। पर्यटकों से कहा गया है कि बहुत जरूरी न हो तो पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
Uttarakhand:

