उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान शनिवार रात एक विवाद ने तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, एक कांवड़ियों का जत्था ऊंचे DJ के साथ आगे बढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि DJ के ऊपर भी कुछ कांवड़िये बैठे हुए थे, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद एक पुलिस इंस्पेक्टर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ऊपर बैठे लोगों को नीचे उतरने के लिए कहा।
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के अनुसार, पुलिस की इस अपील के बाद कुछ कांवड़ियों और इंस्पेक्टर के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान इंस्पेक्टर को वर्दी उतरवाने तक की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के दौरान कवरेज कर रहे कुछ पत्रकारों के साथ भी अभद्रता और मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि मौके पर मौजूद कुछ पत्रकारों को दौड़ाकर पीटा गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या दर्ज मामलों की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स की भूमिका भी चर्चा में है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि नोएडा और आसपास के कई सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचकर धार्मिक यात्रा से जुड़े वीडियो और रील्स बनाते हैं। कुछ लोगों का दावा है कि ये इंफ्लूएंसर कांवड़ियों के साथ यात्रा करते हुए स्वयं को मार्गदर्शक या आयोजक के रूप में भी प्रस्तुत करते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि विवाद के समय ऐसे कुछ कथित इंफ्लूएंसर भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और किसी व्यक्ति विशेष की भूमिका को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी कारण प्रशासन लगातार DJ की ऊंचाई, मार्ग व्यवस्था, बिजली की लाइनों से सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन कराने पर जोर देता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए ताकि धार्मिक यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

