बिहार के भोजपुर जिले में कथित फर्जी एनकाउंटर में मारे गए 28 वर्षीय युवक भरत भूषण तिवारी (भरत तिवारी) के मामले ने पूरे राज्य में तनाव और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। मृतक की मां आशा देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके बेटे को पुलिस की गाड़ी के अंदर भी दो गोली मारी गई और जानबूझकर उनके प्राइवेट पार्ट में गोली चलाई गई। इस मामले में शाहपुर थाने में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की तहकीकात तेज हो गई है। बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बावजूद परिवार और स्थानीय लोगों में सरकार व प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। भरत तिवारी के बिलौटी गांव में हजारों लोगों की भीड़ जुट गई है। महापंचायत का आयोजन हो रहा है, जिसमें यूपी समेत विभिन्न राज्यों से लोग पहुंच रहे हैं।
मां-परिवार का आरोप, प्रशांत किशोर का अल्टीमेटम
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा, “जिसने मेरे बेटे को मारा, उसे फांसी होनी चाहिए। मुझे न्याय चाहिए।” उन्होंने पुलिसवालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया, जिसके आधार पर शाहपुर थाने में जगदीशपुर के SDPO राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन SHO राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद आरोपी बनाया गया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर परिवार से मिलने बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने 20 मिनट तक मां आशा देवी, भाभी और बहन से मुलाकात की। प्रशांत किशोर ने कहा, “यह हत्या सोची-समझी साजिश है। सिर्फ गोली चलाने वालों की नहीं, बल्कि उन लोगों की भी जांच होनी चाहिए जिनके इशारे पर यह घटना हुई।” उन्होंने सम्राट चौधरी सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो सम्राट चौधरी के आवास के बाहर इससे भी बड़ी भीड़ जुटेगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि भरत तिवारी जमुनिया गांव के बेघर गरीबों के लिए लड़ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और सरकार के संरक्षण में यह घटना अंजाम दी गई।
पप्पू यादव का सवाल, स्वामी आनंद स्वरूप का संकल्प
पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हेडक्वार्टर से DSP को किसने फोन किया, यह जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि DSP ने गोली चलाने से मना किया था, फिर भी STF की टीम भेजकर हत्या कराई गई। पप्पू यादव ने पूछा, “क्या यह हत्या हेडक्वार्टर की मिलीभगत के बिना हो सकती है?”, स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि जहां भरत तिवारी शहीद हुए, वहां सफेद मार्बल से भरत तिवारी महास्मारक बन रहा है। गांव का नाम बदलकर भरत तिवारी नगर कर दिया गया है।
सरकार का पक्ष
बिहार सरकार में मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है और DSP को भी हटाया गया है। उन्होंने अपील की कि रिपोर्ट आने तक इंतजार किया जाए और माहौल बिगाड़ने से बचा जाए। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि न्यायिक जांच चल रही है, परिजनों को न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए।
जांच की प्रगति
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक सुधांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के DIG को सौंपी गई है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, डिजिटल सबूत, वीडियो फुटेज और भौतिक सबूतों की जांच की जा रही है। भरत तिवारी के समर्थकों ने गांव का नामकरण और स्मारक बनाने की मांग तेज कर दी है। महापंचायत में युवा, सामाजिक संगठन और विभिन्न समुदाय बड़े पैमाने पर शामिल हो रहे हैं। मामला अभी भी गरम है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि सरकार जांच का हवाला दे रही है। अगले कुछ दिनों में न्यायिक जांच की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई तय करेगी कि बिहार में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।

