रिलायंस एजीएम 2026: मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ फाइलिंग आज घोषित किया, FY26 में रिकॉर्ड राजस्व-मुनाफा हासिल

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और भविष्य की रणनीतियों का खुलासा किया। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने FY26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जिसमें राजस्व में वृद्धि और मुनाफे में 17.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जियो प्लेटफॉर्म्स आज एसईबीआई के पास आईपीओ पेपर्स फाइल करने जा रहा है, जो भारत का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। मुकेश अंबानी ने अपनी बात शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक सेवा और देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देकर की। उन्होंने कंपनी की विविध व्यवसायों टेलीकॉम, रिटेल, एनर्जी और न्यू-एज टेक्नोलॉजी की ताकत पर जोर दिया।

FY26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन

रिलायंस ने FY26 में समेकित राजस्व Rs 11.76 लाख करोड़ (लगभग 9.8% YoY वृद्धि) दर्ज किया। कंपनी ने रिकॉर्ड EBITDA और नेट प्रॉफिट हासिल किया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 17.8% की वृद्धि हुई। कैपिटल एक्सपेंडिचर Rs 1.44 लाख करोड़ से अधिक रहा, जबकि पिछले पांच वर्षों में कुल निवेश Rs 6.48 लाख करोड़ पहुंच गया। मुकेश अंबानी ने इसे देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के निवेशकों में से एक बताया। कंपनी के रिफाइनिंग बिजनेस पर ईरान युद्ध जैसी वैश्विक गड़बड़ियों का असर पड़ा, फिर भी कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस (टेलीकॉम और रिटेल) ने मजबूत योगदान दिया।

जियो आईपीओ: बड़ा ऐलान

एजीएम की सबसे बड़ी घोषणा जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की थी। मुकेश अंबानी ने कहा कि ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मंजूरी मिल चुकी है और आज ही एसईबीआई के पास फाइल किया जाएगा। यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है, जिसका आकार $4 बिलियन (लगभग Rs 33,000-40,000 करोड़) तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल की एजीएम में जियो को 2026 की पहली छमाही में लिस्ट करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि कुछ देरी हुई, लेकिन आज का ऐलान निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। रिलायंस के पास जियो में 67% हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और अल्फाबेट जैसी कंपनियां भी निवेशक हैं।

एआई, न्यू एनर्जी और रिटेल पर फोकस

एआई रोडमैप: कंपनी एआई डेटा सेंटर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दे रही है। मेटा के साथ जामनगर में एआई डेटा सेंटर की साझेदारी पहले ही घोषित हो चुकी है। रिलायंस इंटेलिजेंस के माध्यम से ‘AI Everywhere’ विजन पर काम चल रहा है।
न्यू एनर्जी: सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर giga फैक्ट्री पर प्रगति। कच्छ में दुनिया के सबसे बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स में से एक विकसित हो रहा है।
रिटेल: ईशा अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस रिटेल मजबूत वृद्धि दिखा रहा है। FY26 में राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। एजीएम में अक्षय और अनंत अंबानी को बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी Rs 6 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित करने जा रही है।

बाजार की प्रतिक्रिया

एजीएम से पहले रिलायंस के शेयरों में 0.5% की बढ़ोतरी देखी गई। निवेशक जियो आईपीओ, एआई स्ट्रैटजी और न्यू एनर्जी अपडेट्स का इंतजार कर रहे थे। एनएसई का अपना आईपीओ भी 2026 में आने वाला है, जो बाजार के लिए बड़ा इवेंट होगा। मुकेश अंबानी ने जोर दिया कि रिलायंस की विविधता और इनोवेशन की क्षमता इसे भविष्य के लिए मजबूत बनाती है। एजीएम का पूरा प्रसारण जियोइवेंट्स वेबसाइट, यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पर लाइव उपलब्ध था। यह एजीएम रिलायंस की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी को रेखांकित करती है, जिसमें टेलीकॉम, डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और ग्रीन एनर्जी प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहे हैं। निवेशकों को अब जियो आईपीओ की आगे की प्रक्रिया और FY27 गाइडेंस का इंतजार रहेगा।

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