नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर-152 में स्थित निर्माणाधीन लग्जरी सोसाइटी ‘एटीएस पिक्चर्सक्यू रिप्राइव्स’ (ATS Picturesque Reprieves) में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। काम के दौरान 37वीं मंजिल से गिरकर दो मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सेफ्टी बेल्ट के टूटने को मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूर टावर की ऊपरी मंजिल पर शटरिंग (सीमेंट ढांचा बनाने) का काम कर रहे थे। अचानक उनकी सेफ्टी बेल्ट टूट गई, जिससे वे संतुलन खो बैठे और सीधे नीचे गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों ने उन्हें गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान:
मृतक दोनों पश्चिम बंगाल के निवासी थे।
अब्दुल समद (उम्र 40 वर्ष)
रहीसुद्दीन हक (उम्र 25 वर्ष)
परिवारों को सूचना दे दी गई है। मृतकों के परिजन सदमे में हैं और उचित मुआवजे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई:
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के परिजनों की लिखित शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं (जैसे लापरवाही से मौत) में FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू की जाएगी। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर जुट गई है और सेफ्टी उपकरणों की गुणवत्ता तथा नियमित निरीक्षण की जांच की जा रही है।
मजदूरों के आरोप:
हादसे के बाद साइट पर मौजूद अन्य मजदूरों ने गुस्सा जताते हुए आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। सेफ्टी बेल्ट, हार्नेस और नेट जैसी सुविधाओं की गुणवत्ता खराब थी और उनका नियमित मेंटेनेंस नहीं हो रहा था। कई मजदूरों ने दावा किया कि ऊंचाई वाले काम के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण या पर्यवेक्षण की कमी रही।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल:
यह हादसा NCR में निर्माण क्षेत्रों में बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं की श्रृंखला को दोहराता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से हो रहे उच्च-मंजिला निर्माणों में मजदूरों की सुरक्षा अक्सर नजरअंदाज की जाती है। एटीएस समूह की इस परियोजना में पहले भी कुछ मुद्दे चर्चा में रहे हैं, हालांकि कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और श्रम विभाग को इस मामले में सख्ती बरतनी चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लिया है और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए जा सकते हैं।
पृष्ठभूमि:
एटीएस पिक्चर्सक्यू रिप्राइव्स सेक्टर-152 में नोएडा एक्सप्रेसवे के पास एक प्रीमियम आवासीय परियोजना है, जो लग्जरी सुविधाओं के साथ विकसित की जा रही है। ऐसे हादसों से न केवल परिवार बिखर जाते हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर भरोसा भी प्रभावित होता है।
मांगें:
दोषी ठेकेदार और साइट सुपरवाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
सभी निर्माण साइटों पर तत्काल सेफ्टी ऑडिट।
मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और नौकरी।
मजदूरों के लिए अनिवार्य बीमा और प्रशिक्षण।
पुलिस जांच जारी है। इस घटना से साफ है कि ‘सुरक्षा पहले’ सिर्फ नारा नहीं, बल्कि अमल होना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए अपडेट्स का इंतजार है।

