कार डूबने का झूठा अलर्ट देकर बुलाई NDRF-SDRF, पुलिस ने किया गिरफ्तार — नशे में था आरोपी

ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को एक युवक ने कीचड़ में फंसी अपनी कार निकलवाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को झूठी सूचना दे डाली। उसने कहा कि उसकी कार गहरे पानी में डूब रही है और जान जाने का खतरा है — जबकि हकीकत यह थी कि वह शराब के नशे में धुत था और कार महज कीचड़ में फंसी थी।

कैसे हुआ पूरा ड्रामा?

पुलिस के अनुसार ग्रेटर नोएडा निवासी शिव कुमार बृहस्पतिवार को अपनी एक महिला मित्र के साथ घूमने निकला था। दोनों मंझावली पुल की तरफ गए, जहां रास्ते में उनकी कार कीचड़ में फंस गई। नशे में धुत शिव कुमार ने कार निकलवाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन किया और बताया कि उनकी कार गहरे पानी में डूब रही है और अगर जल्दी मदद न मिली तो जान भी जा सकती है।

पल भर में जुट गया पूरा अमला

इस कॉल के बाद पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। कुछ ही देर में —

  • पुलिस टीम मौके पर पहुंची
  • SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) को बुलाया गया
  • NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) भी मौके पर रवाना हो गई

मौके पर खुली पोल

जब सभी टीमें मौके पर पहुंचीं तो हकीकत देखकर दंग रह गईं। कार पानी में नहीं, बल्कि कीचड़ में फंसी थी और शिव कुमार अपनी महिला मित्र के साथ कार के अंदर बैठा था। पूछताछ में साफ हो गया कि उसने कार निकलवाने के लिए जानबूझकर झूठी और अतिरंजित सूचना दी थी।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने शिव कुमार के खिलाफ झूठी सूचना देने और शांति भंग की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि आपातकालीन सेवाओं के साथ इस तरह की शरारत न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि इससे किसी वास्तविक आपदा में जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचने में भी देरी हो सकती है।

 

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