बेंगलुरु: पीएम की रूट के पास विस्फोटक मिलने पर 6 पुलिसकर्मी निलंबित, जांच तेज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा से पहले उनके काफिले के पास सुरक्षा जांच के दौरान दो जेलेटिन स्टिक्स मिलने के बाद छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया गया है। घटना काे लेकर मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री के संभावित रूट पर तैनात पुलिस टीम ने रूट सील करने से पहले एक संदिग्ध वस्तु देखी। घटनास्थल पर पहुंची विस्फोटक विशेषज्ञ टीम ने मौके पर दो जेलेटिन स्टिक्स की पुष्टि की। इन्हें सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर नष्ट कर दिया गया। मौके पर और निगरानी कैमरों, पास के मार्गों और आसपास के इलाकों की तलाशी भी की गई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा के नियमानुसार रूट पर तैनात स्थानीय पुलिस ने आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, जिसके कारण प्राथमिक जांच में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित कर्मियों में उस जोन तथा सीक्टर के निरीक्षक और जवान शामिल हैं जो पीएम की यात्रा से जुड़ी तैयारियों में लगे थे। जांच में उनके कर्तव्यों के निर्वहन और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुपालन की समीक्षा की जा रही है। बीजेपी के प्रदेश नेता तथा PM मोदी के करीबी, बी.वाई. विजयेंद्र ने इस मामले को ‘‘गंभीर सुरक्षा चूक’’ करार दिया और तुरंत जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कर्नाटक राज्य गृह विभाग ने प्रारंभिक रूप से घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और आवश्यक सभी सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग ने कहा कि जांच में यदि निष्कर्ष मिलता है कि अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी चूक न हो इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता और पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। सेना/सीआरपीएफ और स्थानीय बम निरोधक दस्ते (Bangalore Bomb Disposal Squad) ने मिले जेलेटिन स्टिक्स का विस्फोटक गुणधर्म तथा संभावित स्रोत का प्रारम्भिक परीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, वस्तुओं पर हुई प्रारम्भिक जांच में वे सक्रिय सामग्री के रूप में चिन्हित हुईं, पर विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट बाद में आएगी जो वस्तुओं की मूलभूत प्रकृति और उनकी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाएगी। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में यह घटना चिंता का कारण बनी हुई है। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मांग की कि पीएम के दौरे जैसे अहम कार्यक्रमों में हर स्तर पर इंटेलिजेंस और सुरक्षा का समन्वय कड़ा होना चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री के रूट की सुरक्षा में किसी भी तरह की वास्तविक खतरे की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, पर तात्कालिक कार्रवाई करके खतरे को नाकाम कर दिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया गया और सुरक्षा में मामूली वृद्धि कर दी गई है। राज्य सरकार और केंद्र की एजेंसियों के बीच समन्वय कायम है और आवश्यकतानुसार केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात करने का प्रावधान है। जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम घटनास्थल के आसपास की सभी तस्वीरें, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित अधिकारियों के ब्रीफिंग रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रहे हैं। यह परीक्षण इसलिए जरूरी है ताकि पता लग सके कि यह किसी संचचित खतरे का हिस्सा था या कोई अलग तरह की चूक हुई।” अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निलंबन की स्थिति बरकरार रहेगी और रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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