दक्षिण भारत की चर्चित अभिनेत्री और ‘कांतारा: चैप्टर 1’ फेम रुक्मिणी वसंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार किसी फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि उनके नाम पर वायरल हो रही फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरों के चलते। सोशल मीडिया पर उनकी बिकिनी पहने कुछ तस्वीरें तेजी से फैल रही थीं, जिन्हें लेकर अभिनेत्री ने अब कड़ा रुख अपनाया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में ‘कांतारा: चैप्टर 1’ अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत को बिकिनी में दिखाने वाली एक वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं, जिसने सभी को चौंका दिया। इसकी वजह यह रही कि अपने पूरे करियर में रुक्मिणी ने कभी किसी फिल्म या फोटोशूट में ग्लैमरस या बोल्ड अवतार नहीं अपनाया था। ऐसे में इन तस्वीरों ने जहाँ एक ओर दर्शकों को हैरान किया, वहीं कई सतर्क सोशल मीडिया यूज़र्स ने तुरंत इन्हें AI-जनरेटेड बताया।
अभिनेत्री की तीखी प्रतिक्रिया
रुक्मिणी वसंत ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इन तस्वीरों को “पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत” करार दिया और इसे अपनी निजता का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने अपने Instagram पर लिखा, “मेरी टीम और मुझे ऑनलाइन फैलाई जा रही कुछ AI-जनरेटेड तस्वीरों की जानकारी मिली है जो मेरी बताई जा रही हैं।” उन्होंने इस सामग्री को गैरजिम्मेदाराना और मनगढ़ंत बताते हुए ऐसी तस्वीरें बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही लोगों से अपील की कि वे इन्हें शेयर या प्रसारित न करें।
साइबर क्राइम में शिकायत की तैयारी
रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेत्री की टीम साइबर क्राइम अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है, जिसमें X (ट्विटर), Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर इन तस्वीरों को साझा करने वाले अकाउंट्स के लिंक शामिल किए जाएंगे।
कौन हैं रुक्मिणी वसंत?
बेंगलुरु में जन्मी रुक्मिणी वसंत कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम करती हैं। उन्होंने 2019 की कन्नड़ फिल्म ‘बिरबल’ से अपना डेब्यू किया था। 2023 की कन्नड़ रोमांटिक ड्रामा ‘सप्त सागरदाचे एल्लो’ ने उन्हें असली पहचान दिलाई, जिसके लिए उन्हें Filmfare Critics Award for Best Actress – Kannada से नवाजा गया। 2025 की फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ उनकी अब तक की सबसे सफल फिल्म बनी।
डीपफेक का बढ़ता खतरा
रुक्मिणी पहली ऐसी अभिनेत्री नहीं हैं जो डीपफेक का शिकार हुई हों। इससे पहले रश्मिका मंदाना, आलिया भट्ट और कैटरीना कैफ भी इस समस्या से प्रभावित हो चुकी हैं। साइबर कानून विशेषज्ञों का कहना है कि AI से बनाई गई ऐसी आपत्तिजनक सामग्री को बनाना, शेयर करना और फैलाना साइबर कानूनों और निजता नियमों के तहत दंडनीय अपराध है। रुक्मिणी के इस कदम को डिजिटल अपराध के खिलाफ एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

