चंडीगढ़: चंडीगढ़ और आस-पास के इलाकों में अचानक ईंधन (पेट्रोल और डीज़ल) की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर नोटिस बोर्ड टांग दिए गए हैं, जिनमें साफ़ लिखा है कि अब हर वाहन को एक तय सीमा (लिमिट) में ही तेल दिया जाएगा। इस फैसले के बाद से ही शहर के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है। वहीं इस खबर के बाद नोएडा दिल्ली में भी लोगों के बीच बेचेनी बढ गई। उन्हें लग रहा है कि तेल का संकट आने वाला है।
क्यों लगाई गई पेट्रोल-डीज़ल पर लिमिट?
विभिन्न सूत्रों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों से मिली जानकारी के अनुसार, इस संकट की मुख्य वजह हिट एंड रन (Hit and Run) कानून के खिलाफ ट्रक और टैंकर चालकों की देशव्यापी हड़ताल है।
- सप्लाई चेन ठप: डिपो से पेट्रोल पंपों तक तेल पहुंचाने वाले टैंकर चालकों के काम बंद करने के कारण चंडीगढ़ के अधिकांश फ्यूल स्टेशनों पर बैकअप स्टॉक खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।
- पैनिक बाइंग (Panic Buying): हड़ताल की ख़बर फैलते ही लोग भारी मात्रा में तेल स्टॉक करने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इसी पैनिक बाइंग को रोकने के लिए प्रशासन ने राशनिंग का फैसला किया है।
पेट्रोल पंपों पर तय की गई नई सीमा (Limit)
शहर के अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर लगाए गए बोर्ड और प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, ईंधन की बिक्री के लिए निम्नलिखित सीमाएं तय की गई हैं:
| वाहन का प्रकार | पेट्रोल/डीज़ल की अधिकतम सीमा |
|---|---|
| दोपहिया वाहन (Two Wheelers) | अधिकतम ₹200 से ₹500 तक का पेट्रोल |
| चौपहिया वाहन/कार (Four Wheelers) | अधिकतम ₹1,000 से ₹1,500 तक का ईंधन |
| व्यावसायिक वाहन (Commercial/Trucks) | केवल आवश्यक सेवाओं के लिए (सीमित मात्रा) |
नोट: कई पंपों पर खुले डिब्बे, बोतल या कैन में पेट्रोल-डीज़ल देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि ब्लैक मार्केटिंग या जमाखोरी को रोका जा सके।
पंपों पर तनाव का माहौल, पुलिस बल तैनात
स्रोतों के मुताबिक, चंडीगढ़ के सेक्टर 21, 34, 43 और मध्य मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही गाड़ियों की किलोमीटर लंबी लाइनें देखी गईं। तेल खत्म होने के डर से वाहन चालकों के बीच तीखी बहस और झड़पें भी देखने को मिल रही हैं। स्थिति को बिगड़ता देख कई संवेदनशील पेट्रोल पंपों पर स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासन और एसोसिएशन की अपील
चंडीगढ़ फ्यूल पंप एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह सीमा केवल अस्थायी है ताकि सभी नागरिकों को जरूरत भर का ईंधन मिल सके और आवश्यक सेवाएं (जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस) प्रभावित न हों। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार और तेल कंपनियों के बीच टैंकर चालकों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए लगातार बातचीत चल रही है, और उम्मीद है कि अगले 24 से 48 घंटों में सप्लाई चेन को दोबारा बहाल कर दिया जाएगा।
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