AAP का ‘जहरीला रूप’ और ‘ठुकराए हुए एक्स’ जैसा व्यवहार, सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की पंजाब सरकार की शिकायत

राजनीति के गलियारों में आज उस वक्त हलचल तेज हो गई जब तीन सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के माननीय राष्ट्रपति से मुलाकात कर पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सांसदों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार अपने संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।

जहरीला रूप” और बदले की राजनीति का आरोप

मुलाकात के बाद सांसदों ने AAP के मौजूदा रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो पार्टी कभी सुशासन के वादों के साथ आई थी, वह अब अपने सबसे जहरीले रूप” में काम कर रही है। सांसदों का तर्क है कि जब से पंजाब में पार्टी के दो-तिहाई सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए हैं, तब से AAP सरकार बौखला गई है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अब जनहित के बजाय केवल “बदले की भावना” (Vendetta Politics) से प्रेरित होकर काम कर रही है।

AAP की तुलना जुनूनी और ठुकराए हुए एक्ससे

सांसदों ने आम आदमी पार्टी के व्यवहार पर तंज कसते हुए एक कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा: “AAP आज एक राजनीतिक पार्टी की तरह कम और एक जुनूनी, ठुकराए हुए ‘एक्स’ (Ex) की तरह ज़्यादा बर्ताव कर रही है—कड़वा, बदला लेने वाला, और जो जीवन में आगे नहीं बढ़ पा रहा।” यह तुलना सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि पंजाब की राजनीति में कड़वाहट किस हद तक बढ़ गई है।

राष्ट्रपति का आश्वासन और संवैधानिक मर्यादा

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि कैसे पंजाब में संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले नेताओं को सरकारी तंत्र के जरिए टारगेट किया जा रहा है। सांसदों के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और इस बात पर बल दिया कि: संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। लोकतंत्र में विकल्पों और वैचारिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना अनिवार्य है।

निष्कर्ष

सांसदों ने इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के भरोसे ने उन्हें नई ताकत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पंजाब की जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और सरकार की दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेंगे।

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज, डीके शिवकुमार के सीएम बनने की चर्चा, सिद्धारमैया बोले- हाईकमान करेगा फैसला

यहां से शेयर करें