New Delhi news दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नीट परीक्षा देने वाले 18 छात्रों को सुरक्षित बचाया है, जबकि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर बड़ी रकम और शैक्षणिक दस्तावेज ऐंठ रहा था। बचाये गये छात्रों में कई नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर प्रवेश दिलाने के नाम पर फंसाया गया था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि गिरोह खुद को मेडिकल सीट दिलाने वाला एजेंट बताकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था। तकनीकी निगरानी और समन्वित कार्रवाई के जरिए इस नेटवर्क का पदार्फाश किया गया और आगे की ठगी को रोका गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कुमार जायसवाल, डॉ. अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम, संत प्रताप सिंह और विनोद भाई भीखा भाई पटेल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक ये सभी एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे और फर्जी वादों के जरिए छात्रों से मोटी रकम, मूल प्रमाणपत्र और खाली हस्ताक्षरित चेक ले रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह छात्रों को “परीक्षा संबंधी मार्गदर्शन” और गोपनीय सामग्री देने के बहाने उनके परिवार से अलग रखने की कोशिश करता था। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने फर्जी अध्ययन सामग्री, खाली हस्ताक्षरित चेक और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
बचाए गए सभी छात्रों की काउंसलिंग कराई गई है और उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों को ऐसे फर्जी प्रवेश गिरोहों से सतर्क रहने की सलाह दी है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव का फायदा उठाकर झूठे आश्वासन देते हैं।
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