हाई-राइज़ सोसायटियों में टैंकर के लिए कतार, वायरल वीडियो ने उघाड़ी विकास की पोल; GNIDA पर उठे गंभीर सवाल, उत्तर प्रदेश के सबसे “आधुनिक” और “उभरते” शहर के रूप में पहचाने जाने वाले ग्रेटर नोएडा में इन दिनों पानी के लिए बेहद भयावह स्थिति बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया जिसमें बहुमंज़िला इमारतों में रहने वाले सैकड़ों परिवार, हाथों में बाल्टियाँ थामे, एक प्राइवेट पानी के टैंकर के सामने लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के पंचशील हाइनिश सोसायटी से वायरल हुए इस वीडियो में पुरुष और महिलाएं दोनों बाल्टियाँ लेकर अपनी बारी का इंतज़ार करते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे पोस्ट करने वाले पत्रकार सचिन गुप्ता ने लिखा “ये तस्वीर लातूर की नहीं, बल्कि देश के सबसे उभरते शहर ग्रेटर नोएडा की है। ग्रेनो प्राधिकरण के पंप हाउस की मोटर खराब है और पंचशील हाइनिश सोसायटी के 1,400 परिवार बाल्टियों में पानी भरकर कई मंज़िल ऊपर ढो रहे हैं।”
गर्मी में और गहरा संकट
मई 2026 की चिलचिलाती गर्मी के बीच यह संकट और भी भयावह हो गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सेक्टर 137, 143 और 150 समेत कई इलाकों से एक जैसी शिकायतें आ रही हैं। निवासियों का कहना है कि 48 घंटे से अधिक समय से नल में पानी नहीं आया, जिससे खाना पकाने से लेकर शौचालय तक सब कुछ ठप हो गया है। जिन लोगों ने ‘लग्जरी लिविंग’ के सपने के साथ इन हाई-राइज़ फ्लैटों में भारी रकम चुकाई थी, वे आज प्रीमियम मेंटेनेंस चार्ज देने के बावजूद टैंकर की कतार में खड़े हैं।
यह पहली बार नहीं — समस्या पुरानी, व्यवस्था लाचार
यह जल संकट कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले नोएडा के कई सेक्टरों में भी भारी जल किल्लत देखी गई थी, जब एल्डेको आमंत्रण सोसायटी के लगभग 5,000 निवासियों को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ा था। जनवरी 2026 में हालात और भी गंभीर हो गए थे जब पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी की गुणवत्ता ने लोगों को बीमार कर दिया। ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में दर्जनों निवासी जिनमें बच्चे भी शामिल थे उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित हुए। आरोप था कि पीने के पानी की पाइपलाइन में सीवेज मिल गया था। बीटा-1 सेक्टर के निवासी हरेंद्र भाटी ने कहा, “मैंने यह समस्या कई बार उठाई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।”
प्रशासन का रवैया: आश्वासन बस, काम कुछ नहीं
GNIDA के अधिकारियों ने सीवेज मिलावट की बात से इनकार करते हुए कहा कि पानी के नमूने जाँचे गए और वे साफ पाए गए। एक घर में सप्लाई कनेक्शन की खराबी और दूसरे में पाइप लीकेज को तुरंत ठीक कर दिया गया। GNIDA के CEO एन.जी. रवि कुमार ने शहर के सभी क्षेत्रों में रैंडम वाटर टेस्टिंग के आदेश दिए और बिल्डरों व RWA को पानी की टंकियाँ नियमित साफ़ करने तथा रिपोर्ट जमा करने को कहा। लेकिन निवासियों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ तस्वीरें खिंचवाते हैं, काम नहीं करते।
आम जनता का गुस्सा — सोशल मीडिया पर फूटा आक्रोश
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूज़र ने लिखा: “आज बेचारे लोग क्लब में एक्सरसाइज़ की जगह पानी ढो रहे हैं इसी को कहते हैं इतिहास का चक्र पूरा होना।” एक अन्य ने कहा: “यही मुख्य कारण था कि मैंने इन तथाकथित मेट्रो शहरों में रहने से परहेज़ किया। थोड़ा कमाकर अपने छोटे शहर में शांति से जी रहा हूँ।”अधिकारियों ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे जल आपूर्ति की समस्याएं आधिकारिक व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9205559204 पर दर्ज कराएँ। लेकिन जिनके घरों में बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताजी है, उनके लिए यह समाधान बेहद नाकाफी लग रहा है।
विशेषज्ञों की राय: बुनियादी ढाँचा चरमरा रहा है
शहरी नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि एनसीआर में तेज़ी से बढ़ते हाई-राइज़ निर्माण के मुकाबले जल आपूर्ति का बुनियादी ढाँचा कहीं पीछे छूट गया है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत का जल संकट केवल जलवायु परिवर्तन का नहीं, बल्कि शासन की विफलता का भी नतीजा है। करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदने वाले मध्यमवर्गीय परिवार जब बाल्टी लेकर टैंकर के पीछे भागते हैं, तो ‘स्मार्ट सिटी’ की अवधारणा पर ही सवाल उठने लगते हैं।
आगे क्या?
गर्मी का मौसम अभी चरम पर नहीं पहुँचा है और हालात पहले से ही इतने बुरे हैं। यदि जल प्राधिकरण ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले हफ्तों में यह संकट और भयंकर रूप ले सकता है| निवासी संगठनों ने माँग की है कि GNIDA पंप हाउसों की तत्काल मरम्मत करे, पाइपलाइन की जाँच हो, और हर सोसायटी को आपातकालीन जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने की चेतावनी दे रहे हैं। बॉक्स आइटम क्या कहती है ज़मीनी हकीकत? 1,400 परिवार प्रभावित — पंचशील हाइनिश सोसायटी, ग्रेटर नोएडा, 48+ घंटे से नल में पानी नहीं, सेक्टर 137, 143, 150 में भी हाहाकार, जनवरी 2026 में दर्जनों लोग दूषित पानी से बीमार, GNIDA हेल्पलाइन: 9205559204.

