नोएडा: फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) ने एक बार फिर नोएडा के नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। संगठन ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण को औपचारिक पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं — शहर में स्वच्छ पेयजल की सुनिश्चित आपूर्ति, पुरानी व जर्जर सीवर लाइनों का त्वरित सुधार और क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत।
टूटी सड़कें बनी जानलेवा — दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा
फोनरवा ने अपने पत्र में नोएडा की कई प्रमुख सड़कों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, शहर की अनेक महत्वपूर्ण सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जो प्रतिदिन वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। इन जर्जर सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने इस संदर्भ में कहा कि जर्जर सड़कों की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है और यह आम जनता की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन चुकी है। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि इन सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देते हुए बिना किसी विलंब के काम शुरू किया जाए।
दूषित पेयजल से स्वास्थ्य संकट — वर्षों से चली आ रही है समस्या
फोनरवा के महासचिव के. के. जैन ने बताया कि नोएडा के कई सेक्टरों में लंबे समय से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है, जो वहाँ के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर और बढ़ती हुई समस्या बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पुराने सेक्टरों में स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहाँ निवासी वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने भी इस पर जोर देते हुए कहा कि संगठन लंबे समय से शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग करता आ रहा है, परंतु अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्राधिकरण से आग्रह किया कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
सीवर लाइनों की दुर्दशा — लीकेज से पेयजल के दूषित होने का खतरा
महासचिव के. के. जैन ने बताया कि पुराने सेक्टरों में सीवर लाइनों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इन क्षेत्रों में बार-बार सीवर लीकेज की समस्या सामने आ रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस लीकेज के कारण पेयजल के दूषित होने की आशंका लगातार बनी रहती है, जो पूरे क्षेत्र में महामारी फैलने के खतरे को जन्म दे सकती है। फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण से स्पष्ट मांग की है कि पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए। जल आपूर्ति एवं सीवर से जुड़ी सभी लंबित समस्याओं का स्थायी और टिकाऊ समाधान निकाला जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिल सके।
फोनरवा की तीन सूत्रीय प्रमुख मांगें
फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण के सामने निम्नलिखित तीन मुख्य मांगें रखी हैं —
पहली मांग: शहर के सभी सेक्टरों में स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
दूसरी मांग: पुराने और जर्जर हो चुके सीवर नेटवर्क को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए और लीकेज की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
तीसरी मांग: शहर की क्षतिग्रस्त और गड्ढों से भरी सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आवागमन सुगम हो सके।
प्राधिकरण की जवाबदेही पर सवाल
फोनरवा का यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि नोएडा जैसे नियोजित और विकसित शहर में भी बुनियादी नागरिक सुविधाओं का संकट गहरा है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि वर्षों से इन समस्याओं को लेकर आवाज़ उठाई जाती रही है, लेकिन प्राधिकरण की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता और कार्रवाई नहीं दिखाई गई। फोनरवा ने चेताया है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो संगठन आगे और व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
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