गाँव प्रधान ने किया अपराध: अपनी ही बस्ती की बहू भगा ले गया, पुलिस ने शुरू की तलाश

गाँव प्रधान ने किया अपराध: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 55 वर्षीय ग्राम प्रधान, अपनी ही पंचायत की 22 वर्षीय विवाहिता (बहू) को लेकर फरार हो गया है। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

घटना के मुख्य बिंदु:

आरोपी: मऊरानीपुर क्षेत्र का 55 वर्षीय ग्राम प्रधान।

पीड़िता: 22 वर्षीय विवाहिता, जो ग्राम प्रधान के ही गांव की बहू है।

आरोप: महिला का पति जब घर पर नहीं था, तब प्रधान महिला को लेकर भागा। महिला के पति ने आरोप लगाया है कि प्रधान न केवल पत्नी को ले गया, बल्कि घर में रखे लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के कीमती जेवरात भी साथ ले गया है।

पुलिस कार्यवाही: घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मामले की पृष्ठभूमि: विवाहिता की शादी 2024 में हुई थी। पति का आरोप है कि ग्राम प्रधान का उसके घर पर आना-जाना बढ़ गया था, जिससे वह अक्सर मना भी करता था। यह खबर उत्तर प्रदेश में घटी हालिया घटनाओं (2026) पर आधारित है, जहाँ उत्तर प्रदेश के झांसी में मऊरानीपुर क्षेत्र में ग्राम प्रधान की इस शर्मनाक हरकत पर पुलिस जांच कर रही है. लेकिन सरपंच की करतूत ने पूरे गाँव को शर्मसार कर दिया।  मीडिया रिपोर्ट के आधार पर, घटना उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण इलाके में घटी, जहाँ सरपंच ने गाँव की एक बहू को अपने साथ ले भागने का दुस्साहस किया। पीड़ित पति ने बताया कि उसकी पत्नी पिछले हफ्ते से लापता है और गाँव वालों ने सरपंच पर शक जताया। स्थानीय थाने में दर्ज एफआईआर में सरपंच पर महिला अपहरण, विश्वासघात और सामाजिक अपराध के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने सरपंच के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार है। महिला के परिवार वाले आक्रोशित हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।

उसके खिलाफ पहले भी कुछ छोटे-मोटे विवाद दर्ज हैं, लेकिन यह घटना सबसे गंभीर है। एसपी ने बताया, “हमारी टीमें सीमावर्ती इलाकों में छापे मार रही हैं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से सुराग मिले हैं। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच अक्सर बहुओं और महिलाओं पर बुरी नजर रखता था, जिसकी शिकायतें पंचायत स्तर पर दबा दी जाती थीं। यह मामला ग्रामीण भारत में सत्ता के दुरुपयोग को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरपंच जैसे पदाधिकारियों को सख्त निगरानी की जरूरत है। महिला आयोग ने भी संज्ञान ले लिया है और पीड़िता को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। फिलहाल, गाँव में तनाव का माहौल है, और लोग सरपंच के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

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