मीरा रोड चाकूबाजी मामला बना आतंकी एंगल: मुंबई के उपनगरीय इलाके मीरा रोड में सोमवार तड़के हुई चाकूबाजी की घटना अब गंभीर आतंकी जांच में बदल गई है। 31 वर्षीय आरोपी ज़ुबैर अंसारी (या ज़ैब जुबैर अंसारी) ने एक निर्माणाधीन साइट पर ड्यूटी कर रहे दो सिक्योरिटी गार्ड्स को पहले उनके धर्म के बारे में पूछा, फिर ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। जब उन्होंने मना कर दिया तो आरोपी ने चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। दोनों गार्ड्स गंभीर रूप से घायल हैं और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरोपी ज़ुबैर अंसारी सेल्फ-रैडिकलाइज्ड (स्वयं कट्टरपंथी बना) लगता है। उन्होंने बताया कि आरोपी अमेरिका से 2019 में लौटा था और ऑनलाइन सामग्री के जरिए कट्टर विचारधारा से प्रभावित हुआ। फडणवीस ने इसे “लोन वुल्फ” अटैक की संभावना जताई और कहा कि जांच में ISIS से जुड़े नोट्स और दस्तावेज मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना 27 अप्रैल की सुबह करीब 4 बजे मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुई। आरोपी अंसारी निर्माणाधीन बिल्डिंग पर ड्यूटी कर रहे गार्ड्स राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन से भिड़ गया। शुरुआती झड़प के बाद वह लौटा और पूछा कि वे हिंदू हैं या नहीं। फिर दोनों से ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। जब वे ऐसा नहीं कर सके तो आरोपी ने चाकू से हमला बोल दिया। दोनों गार्ड्स को चाकू के वार लगे, जिनमें एक की हालत पहले गंभीर थी। मिरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की और घटना के मात्र 90 मिनट के अंदर उसे नया नगर के स्मिता रेजीडेंसी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की उम्र 31 वर्ष है, वह मुंबई के कुर्ला में जन्मा, साइंस ग्रेजुएट है और अमेरिका में पढ़ाई के बाद 2019-2020 में भारत लौटा था। वह मीरा रोड में अकेला रहता था और ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था।
आतंकी कोण पर जांच तेज
महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोपी के घर से “लोन वुल्फ अटैक” और इस्लामिक स्टेट (ISIS) का जिक्र करने वाले हैंडरिटन नोट्स तथा अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी मामले में शामिल हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के अमेरिका प्रवास और ऑनलाइन गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
सीएम फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि यह घटना हिंदुओं को निशाना बनाने की कोशिश लग रही है और जिहाद के नाम पर ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “आरोपी सेल्फ-रैडिकलाइज्ड था और ऑनलाइन कंटेंट से प्रभावित हुआ। ATS और NIA पूरी गहराई से जांच कर रही हैं।” दोनों घायल गार्ड्स का इलाज चल रहा है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह घटना महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में सांप्रदायिक या कट्टरपंथी प्रेरित हमलों की श्रृंखला में नया मामला है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं का सेल्फ-रैडिकलाइजेशन बढ़ता जा रहा है, जिस पर सख्त नजर रखने की जरूरत है।
पुलिस और सरकार की अपील
नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। ATS ने कहा कि जांच के दौरान कोई भी अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है और आगे की डेवलपमेंट्स पर नजर रखी जा रही है। यदि ISIS या किसी बड़े नेटवर्क का लिंक सामने आया तो जांच और विस्तार ले सकती है।

