Accident in Mirzapur : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। रीवा-मिर्जापुर हाईवे पर ड्रमंडगंज घाटी में तेज रफ्तार और तकनीकी खराबी का ऐसा संगम हुआ कि 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं, जो एक मासूम बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे।
Accident in Mirzapur :
🔥 टक्कर के बाद बनी आग का कुंड, बचने की गुहार भी बेअसर
हादसा उस समय हुआ जब मध्य प्रदेश की ओर से गिट्टी लादकर आ रहे ट्रेलर का अचानक ब्रेक फेल हो गया। अनियंत्रित ट्रेलर ने पहले एक स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मारी, फिर उसे रौंदते हुए आगे खड़े ट्रक से जा भिड़ा। इसी बीच पीछे से आ रही बोलेरो भी ट्रेलर में जा घुसी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो पूरी तरह पिचक गई और तुरंत आग की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन में फंसे लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन आग की भीषण लपटों के सामने कोई कुछ नहीं कर सका। देखते ही देखते बोलेरो में सवार 9 लोग जिंदा जल गए।
मुंडन से लौट रहा था परिवार, रास्ते में मिली मौत
जानकारी के मुताबिक, जिगना थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी अरुण सिंह का परिवार 9 वर्षीय बेटे शिव का मुंडन कराने मैहर गया था। कार्यक्रम के बाद सभी लोग बोलेरो से वापस लौट रहे थे। वाहन में पंकज सिंह, बीना, वंदना, पीयूष, प्रियंका, कार्तिकेय, सोनम समेत अन्य सदस्य सवार थे, जबकि विष्णु गाड़ी चला रहा था।
अन्य वाहनों के भी लोग बने हादसे का शिकार
इस हादसे में स्विफ्ट कार सवार जयप्रकाश (26), निवासी सोनभद्र, की भी मौत हो गई। वहीं ट्रक के एक खलासी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 11 हो गई है।
राहत कार्य में देरी का आरोप, ग्रामीणों ने बताया दर्द
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने बचाव की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि किसी को बाहर निकाल पाना संभव नहीं था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम समय पर नहीं पहुंची, जिससे हालात और बिगड़ गए।
“मौत का हाईवे” बनती ड्रमंडगंज घाटी
ड्रमंडगंज घाटी का यह हिस्सा लंबे समय से हादसों के लिए कुख्यात रहा है। तीखे मोड़, खतरनाक ढलान और अपर्याप्त संकेतकों के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इसे सड़क डिजाइन की बड़ी खामी मानते हैं।
यह मार्ग वाराणसी-रीवा फोरलेन का अहम हिस्सा है, जहां रोजाना देशभर से हजारों भारी वाहन गुजरते हैं। बावजूद इसके, सुरक्षा मानकों में सुधार नहीं होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार ने हादसे में 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। एसपी अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक, सभी वाहनों की पहचान कर ली गई है और मृतकों की शिनाख्त का प्रयास जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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