अलवर से दिल्ली तक खौफ का सफर: पूर्व घरेलू नौकर पर दो बलात्कार का मामला, फिर IRS अधिकारी की बेटी की हत्या का आरोप 

अलवर से दिल्ली तक खौफ का सफर: दिल्ली पुलिस की जांच में एक बेहद सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जिसमें 23 वर्षीय पूर्व घरेलू नौकर राहुल मीणा पर 12 घंटे के भीतर राजस्थान के अलवर में एक महिला के साथ कथित बलात्कार और उसके बाद दिल्ली में अपने पूर्व मालिक की 22 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार-हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले अलवर में वारदात की, फिर दिल्ली पहुंचकर IRS अधिकारी की बेटी की हत्या को अंजाम दिया।

जांच में क्या सामने आया

पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल मीणा को परिवार ने करीब छह हफ्ते पहले नौकरी से निकाल दिया था, लेकिन वह घर की बनावट, स्पेयर की और एक्सेस कोड जैसी अंदरूनी जानकारियों से परिचित था। इसी जानकारी की मदद से उसने कथित तौर पर चार-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर घर में प्रवेश किया और वारदात को अंजाम दिया।

घर की सुरक्षा कैसे टूटी

रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी को घर के भीतर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, गेटों की परतें, और स्टाफ से जुड़ी व्यवस्था की जानकारी थी, इसलिए वह शक पैदा किए बिना अंदर घुसने में सफल रहा। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि उसने सीसीटीवी से बचने, समय चुनने और निकलने के रास्ते को कैसे प्लान किया।

लूट का शक और ताला खोलने की कोशिश

एक रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को घायल अवस्था में घर के भीतर घसीटकर नीचे के हिस्से तक ले जाने की कोशिश की, ताकि उसके फिंगरप्रिंट से सेफ खोला जा सके। यह दावा जांच में सामने आए बयानों पर आधारित है और इससे संकेत मिलता है कि वारदात में लूट या दूसरी मंशा भी शामिल हो सकती है।

अलवर वाली वारदात

पुलिस को मिले शुरुआती सुराग बताते हैं कि दिल्ली पहुंचने से पहले आरोपी ने राजस्थान के अलवर में भी एक महिला पर हमला किया था। अलवर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और यह पहलू अब दिल्ली केस से सीधे जोड़ा जा रहा है।

पीड़िता की पहचान और हत्या

दिल्ली में मारी गई युवती एक IRS अधिकारी की बेटी थी और वह 22 वर्ष की थी; कुछ रिपोर्टों में उसे IIT ग्रैजुएट भी बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसे घर में फोन चार्जर या केबल से दबाकर मारने की बात सामने आई है, जबकि आधिकारिक जांच अभी कई पहलुओं की पुष्टि कर रही है।

आगे की जांच

दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब उसके मोबाइल, सीसीटीवी मूवमेंट, कॉल डिटेल्स और राजस्थान-Delhi ट्रैवल रूट की जांच तेज कर दी है। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या यह एक पूर्व-नियोजित अपराध था और क्या आरोपी ने दोनों वारदातों को एक ही कड़ी के रूप में अंजाम दिया।

इस मामले का महत्व

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि घरेलू सहायता रखने वाले घरों में विश्वास, सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। साथ ही, यह भी दिखाता है कि किसी पूर्व कर्मचारी के पास घर की संवेदनशील जानकारी रह जाने पर जोखिम कितना बढ़ सकता है।

 

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