सोनभद्र नशे का ‘सिरप सिंडिकेट’ बेनकाब: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई अब और सख्त हो गई है।
PIT-NDPS एक्ट में भोला प्रसाद निरुद्ध
कुख्यात तस्कर शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को PIT-NDPS एक्ट के अंतर्गत एक वर्ष के लिए निरुद्ध कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के प्रस्ताव पर जिला मजिस्ट्रेट सोनभद्र के माध्यम से यह निरोधादेश 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी किया गया है।
फर्जी फर्म से बांग्लादेश तक तस्करी
जांच में सामने आया कि “शैली ट्रेडर्स” नामक फर्जी फर्म के माध्यम से एबाट कंपनी से भारी मात्रा में कोडीन युक्त फेन्साडिल कफ सिरप मंगाकर उसे अवैध रूप से बांग्लादेश तक पहुंचाया जा रहा था। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसके तार देश के बाहर तक जुड़े पाए गए।
कोलकाता एयरपोर्ट से हुई थी गिरफ्तारी
मुख्य अभियुक्त भोला प्रसाद जायसवाल को 29 नवंबर 2025 की रात कोलकाता एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। वहीं, उसका बेटा शुभम जायसवाल अभी भी विदेश में फरार है।
45 करोड़ की संपत्ति जब्त, 60 पेज की चार्जशीट तैयार
इस मामले में 15 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद करीब 142 दिनों तक गहन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया और लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। भोला और शुभम के खिलाफ 60 पेज की अलग चार्जशीट भी तैयार कर कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है।
428 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
यह अवैध कोडीन तस्करी गिरोह लगभग 428 करोड़ का बताया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश के 28 जिलों से लेकर नेपाल, बांग्लादेश, दुबई और पाकिस्तान तक फैला हुआ है। जांच 2024 में शुरू हुई थी और 2025 तक 128 से अधिक FIR दर्ज की गईं, 280 ड्रग लाइसेंस रद्द किए गए और 3.5 लाख से ज्यादा कफ सिरप की शीशियां जब्त की गईं।
पुलिस की चेतावनी
एसपी अभिषेक वर्मा ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

