‘बाबा बुलडोजर’ का शो-विंडो हाथ से फिसला?: सीएम की छवि पर सवाल, कल हिंसक प्रदर्शन-आज बाई लोगों का धरना; कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बाहरी साजिश का आरोप, डीएम मेधा रूपम ने वेतन-ओवरटाइम के दिए आदेश

‘बाबा बुलडोजर’ का शो-विंडो हाथ से फिसला?: यूपी का ‘शो विंडो’ कहे जाने वाले नोएडा में कल (13 अप्रैल) फैक्ट्री मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। हजारों कामगारों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कें जाम कीं, पथराव किया, गाड़ियां जलाईं और फैक्टरियों में तोड़फोड़ की। आज (14 अप्रैल) घरेलू कामगारों (बाई/हाउस क्लीनिंग वर्कर्स) ने भी फेज-2 में धरना-प्रदर्शन किया, जहां पथराव से एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गया। दैनिक अखबार जय हिंद जनाब ने अपने डिजिटल चैनल से पहले ही चेतावनी दी थी कि नोएडा ‘बाबा बुलडोजर’ (सीएम योगी की छवि) के हाथ से निकल रहा है, लेकिन प्रशासन की शुरुआती निष्क्रियता अब साफ दिख रही है।

क्या हुआ कल? हिंसक प्रदर्शन का पूरा घटनाक्रम

9 अप्रैल से चला आ रहा आंदोलन 13 अप्रैल को उग्र हो गया। नोएडा के फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स), सेक्टर 60, 62, 84 समेत 83 जगहों पर 42,000 से ज्यादा फैक्ट्री मजदूर सड़कों पर उतरे। मांगें थीं—मासिक वेतन 20,000 रुपये, हरियाणा (35% वृद्धि) के बराबर बढ़ोतरी, ओवरटाइम दोगुना भुगतान, साप्ताहिक छुट्टी और समय पर सैलरी। हिंसा सीमित रही 2 जगहों पर—पथराव, 50+ गाड़ियां जलाईं, 150 वाहन क्षतिग्रस्त, 350+ फैक्टरियों में तोड़फोड़। पुलिस ने न्यूनतम बल (आंसू गैस) का इस्तेमाल किया, बाकी जगहों पर बातचीत से मजदूरों को हटाया।

आज (14 अप्रैल) बाई लोगों का धरना

फेज-2 (सेक्टर 70, 82, 121) में घरेलू कामगारों (हाउस क्लीनिंग वर्कर्स) ने धरना दिया। सेक्टर 121 के क्लियो काउंटी के बाहर पथराव हुआ, जिसमें सब-इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता घायल हुए। पुलिस ने सेक्टर 70-121 में फ्लैग मार्च निकाला, भारी तैनाती की। कंपनियां बंद, सड़कों पर सन्नाटा, लेकिन तनाव बरकरार।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और डीएम मेधा रूपम का एक्शन

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह: “83 जगहों पर 42,000 मजदूर उतरे, सिर्फ 2 जगह हिंसक—बाकी संयम से बातचीत। 300+ गिरफ्तारियां, 7 FIR दर्ज। बाहरी जिले से आए तत्व उकसा रहे थे। फर्जी ट्विटर/X अकाउंट, व्हाट्सएप ग्रुप और QR कोड से भड़काया गया। फंडिंग की जांच STF कर रही है।” उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘संगठित साजिश’ का जिक्र किया।

डीएम मेधा रूपम: 12 अप्रैल को नोएडा अथॉरिटी में उद्योग प्रतिनिधियों से बैठक की। आदेश जारी—ओवरटाइम दोगुना, साप्ताहिक छुट्टी, रविवार डबल वेतन, 10 तारीख तक सैलरी, बोनस, सीसीटीवी, महिला अध्यक्ष वाली यौन उत्पीड़न समिति, हेल्पलाइन (1202978231 आदि)। अफवाहों से बचने की अपील।

सरकारी फैसले: सीएम योगी ने हाई-लेवल कमिटी गठित की। न्यूनतम मजदूरी में 21% अंतरिम वृद्धि (1 अप्रैल से)—अकुशल: 11,313 → 13,690 रुपये; अर्धकुशल: 12,445 → 15,059; कुशल: 13,940 → 16,868 (गौतमबुद्ध नगर/गाजियाबाद)। डीजीपी ने क्षति की भरपाई और असामाजिक तत्वों पर सख्ती का ऐलान किया।

बातचीत के नतीजे: ज्यादातर जगह समझाइश काम आई। कुछ मांगें (ओवरटाइम, छुट्टी, समय पर वेतन) मान ली गईं। वेतन वृद्धि की घोषणा के बावजूद मजदूर 20,000 रुपये की मांग पर अड़े हैं—आंदोलन जारी।

आम जनमानस की प्रतिक्रिया

कम्यूटरों में गुस्सा: ट्रैफिक जाम से घंटों फंसे लोग—“रोज कमाने वाले मजदूरों की मांग जायज, लेकिन हिंसा और जाम क्यों?” (सोशल मीडिया पर ट्रेंड)।

समर्थन भी: कई ने मजदूरों की बात मानी—“हरियाणा में 35% बढ़ोतरी, यहां 13-14 हजार पर कैसे गुजारा? महंगाई तो एक जैसी।”

राजनीतिक बयान: अखिलेश यादव ने भाजपा पर “पूंजीपतियों का पक्ष, मजदूरों का शोषण” का आरोप लगाया। कांग्रेस ने “दमन नहीं, समाधान” की मांग की। सीएम योगी ने इसे “नक्सलवाद भड़काने की साजिश” बताया।

जय हिंद जनाब का पूर्वानुमान: पहले ही कहा था कि नोएडा में बुलडोजर वाली छवि धूमिल हो रही है—प्रशासन की देरी ने इसे सही साबित कर दिया। स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन फेज-2 में तनाव बरकरार। STF जांच, फंडिंग ट्रेल और 200+ हिरासत जारी। क्या वेतन वृद्धि आंदोलन थमाएगी या नोएडा का ‘शो विंडो’ और धूमिल होगा? अपडेट्स का इंतजार रहेगा।

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