भारतीय किसान यूनियन मंच का निंदा प्रस्ताव: भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी की अगुवाई में नोएडा के 81 गांवों के हजारों किसानों ने सेक्टर-128 स्थित शाहपुर गोवर्धनपुर के शिव मंदिर पर एकत्र होकर नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक की समीक्षा की और सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया।
6 अप्रैल 2026 को आयोजित नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास, औद्योगिक निवेश, आवासीय योजनाओं और आवंटियों को राहत देने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹10,290 करोड़ से अधिक के बजट लक्ष्य के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय भी हुए। न्यू नोएडा के किसानों के लिए मुआवजा दर बढ़ाकर यमुना प्राधिकरण के बराबर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया गया।
लेकिन नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के 81 गांवों के किसान इस बैठक के नतीजों से बेहद नाराज हैं। भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि इस बोर्ड बैठक में नोएडा के मूल किसानों की दशकों पुरानी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा, “किसानों को एक बार फिर झूठे आश्वासन देकर छला गया है।”
किसानों की प्रमुख मांगें
संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने किसानों की मांगें सार्वजनिक कीं, जिनमें शामिल हैं जिन किसानों को अब तक मूल 5 प्रतिशत के प्लॉट नहीं मिले हैं, उन्हें तत्काल आवंटित किए जाएं; न्यायालय के आदेश वाले किसानों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत भूखंड या धनराशि दी जाए; वर्ष 1997 से 64.7 प्रतिशत मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाए; सभी 81 गांवों का विकास सेक्टर की तर्ज पर किया जाए; गांवों की आबादी 450 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 1000 वर्ग मीटर की जाए; 1976 से 1997 तक के किसानों को कोटा स्कीम के प्लॉट दिए जाएं; प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में स्वामित्व योजना लागू हो और गांवों में नक्शा नीति समाप्त की जाए।
आंदोलन की तैयारी
बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से तय किया कि जल्द ही सभी 81 गांवों में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा और नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान यूनियन मंच पहले भी नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना दे चुका है, जो कई दिनों तक जारी रहा था। इस अवसर पर सूरज प्रधान, सुरेंद्र प्रधान, चमन प्रधान, योगेश भाटी, गजेंद्र बैसोया, उमंग शर्मा, संदीप भाटी, राहुल कसाना, जगबीर भाटी, एडवोकेट जितेंद्र सहित हजारों किसान मौजूद रहे।

