नोएडा। सेक्टर-34 के सामुदायिक केंद्र में रविवार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं और निवासियों ने स्मार्ट मीटर की जगह पुरानी पोस्टपेड व्यवस्था लागू करने की जोरदार मांग की।
ऐप नहीं करती सही काम, बिल भुगतान में आ रही दिक्कतें
बैठक में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष केके जैन ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं को एक नहीं बल्कि कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बिजली विभाग की आधिकारिक ऐप सही तरीके से काम नहीं कर रही, जिसके चलते उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि एक निश्चित सीमा तक नेगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली आपूर्ति बाधित न की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अचानक बिजली कटौती की समस्या से न जूझना पड़े।
गर्मी से पहले मजबूत हो बिजली का ढांचा
आरडब्ल्यूए महासचिव धर्मेंद्र शर्मा ने बैठक में कहा कि आने वाले गर्मी के मौसम को देखते हुए फीडर पैनल और मीटर पैनल समेत समूचे बिजली ढांचे को पहले से मजबूत किया जाए, ताकि भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं को बिल भुगतान की अंतिम तिथि से पहले मैसेज और कॉल अलर्ट की सुविधा दी जाए, जिससे वे समय पर भुगतान कर सकें और अनावश्यक कटौती से बच सकें।
सेक्टर-31 के निवासियों की समस्याएं भी आईं सामने
बैठक में सेक्टर-31 के निवासियों की बिजली संबंधी समस्याएं भी उठाई गईं। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों को अपने मोबाइल नंबर बिजली विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट कराने की सलाह दी, ताकि अलर्ट और सूचनाएं समय पर मिल सकें। साथ ही अधिकारियों ने उपस्थित निवासियों को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उल्लेखनीय है कि नोएडा सहित पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है, लेकिन तकनीकी खामियों और जागरूकता के अभाव के कारण उपभोक्ताओं में इसे लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बिजली विभाग को तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

