चेक बाउंस केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को 6 करोड़ चेक बाउंस केस में और समय देने से किया इनकार, ‘नो मीन्स नो’, फिर जेल भेज दो

चेक बाउंस केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की 6 करोड़ रुपये चुकाने के लिए अतिरिक्त 30 दिन की मांग ठुकरा दी। जस्टिस स्वराना कांता शर्मा ने साफ कहा, “No means no. I will reserve (for judgment). I will not give more time.” कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

यह मामला M/s Murli Projects Private Limited द्वारा दायर चेक बाउंस केस से जुड़ा है, जिसमें कुल राशि करीब 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कंपनी ने 2010 में राजपाल यादव को फिल्म निर्देशन के लिए कर्ज दिया था, जो चेक बाउंस हो गया। ट्रायल कोर्ट ने 2018 में उन्हें दोषी ठहराया था और 6 महीने की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में अपील में बरकरार रखा गया।

सुनवाई में क्या हुआ?

राजपाल यादव के वकील ने 6 करोड़ रुपये पूर्ण और अंतिम समझौते (full and final settlement) के रूप में चुकाने के लिए 30 दिन का समय मांगा। कोर्ट ने राजपाल यादव के रुख में बार-बार बदलाव और पिछले वादों पर अमल न करने पर नाराजगी जताई। जज ने टिप्पणी की कि “undertaking कुछ और कहता है और अब आप कुछ और कह रहे हैं।” शिकायतकर्ता कंपनी ने 6 करोड़ रुपये पर सहमति जताई, लेकिन समय देने पर कोर्ट अड़ा रहा। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव भावुक हो गए और कहा, “मुझे जेल में पांच बार और भेज दो।” उन्होंने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात भी कही।

पिछली घटनाएं (संक्षेप में):

फरवरी 2026 में कोर्ट ने समय न देने पर राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था। बाद में उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये जमा करने पर अंतरिम राहत मिली और जेल से बाहर आए। मार्च 2026 में कोर्ट ने “substantial payment” देखते हुए जेल न भेजने का फैसला किया था और राहत 1 अप्रैल तक बढ़ाई थी।

कोर्ट ने बार-बार कहा कि अगर समझौता करना ही है तो भुगतान क्यों नहीं हो रहा। जज ने चेतावनी भी दी कि “कभी सोचो मत कि जज कमजोर है अगर वो अच्छा व्यवहार कर रहा है।” अब दिल्ली हाईकोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है, जिसमें सजा की सस्पेंशन, जेल या अन्य राहत पर फैसला हो सकता है। यह मामला अभिनेता की आर्थिक परेशानियों को फिर से उजागर करता है।

नोट: जानकारी 2 अप्रैल 2026 की सुनवाई और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। फैसला आने तक स्थिति में बदलाव संभव है।

यह भी पढ़ें: मालदा हॉस्टेज कांड: AIMIM नेता मोफक्केरुल इस्लाम गिरफ्तार, विरोध प्रदर्शन के ‘मास्टरमाइंड’

 

यहां से शेयर करें