जिले में भूजल स्तर गिरने और पानी की समस्या से निपटने के लिए चलाया पुनर्जीवन
Ghaziabad news जिले में भूजल स्तर गिरने और पानी की समस्या बढ़ने के चलते प्रशासन 1,000 पुराने कुओं की पहचान और पुनर्जीवन के लिए अभियान चला रहा है। इसके लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। भोजपुर में इस तकनीक की मदद से अब तक 196 पुराने कुओं की पहचान की जा चुकी है।
जिले के पांच जोनों में से चार जोन डार्क जोन में आ चुके हैं, जहां भू-जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। अधिकारियों ने चेताया है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो जल संकट और गंभीर हो सकता है। पहचाने गए कुओं को सफाई, गहरीकरण और आसपास जल संचयन की व्यवस्था के माध्यम से पुनर्जीवित किया जाएगा। इससे जमीन के नीचे पानी का स्तर बढ़ेगा और भविष्य में जल संकट को रोका जा सकेगा।
रिमोट सेंसिंग तकनीक का लिया जा रहा सहारा
भू-जल विभाग की नोडल अधिकारी श्रृष्टि जायसवाल ने बताया कि रिमोट सेंसिंग तकनीक न केवल पुराने कुओं की पहचान में मदद कर रही है, बल्कि जल संरक्षण के लिए अन्य संभावित स्थानों की भी पहचान की जा रही है। अभियान के तहत चिन्हित कुओं का चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार किया जाएगा। गाजियाबाद प्रशासन की यह पहल जिले में बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों और घटते भू-जल स्तर के बीच पानी की समस्या से निपटने की महत्वपूर्ण कोशिश है।
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1,000 साल पुराने कुओं से दूर होगा भू-जल संकट

