ताजा जानकारी के अनुसार, यह घटना ओमिक्रोन सोसाइटी के कॉमन एरिया या पार्क में हुई, जहां बच्चा खेल रहा था। कुत्ता (जो एक निवासी का पेट डॉग बताया जा रहा है) अचानक आक्रामक हो गया और बच्चे पर झपट पड़ा। बच्चे को चेहरे, हाथ या पैर पर गहरे घाव आए हैं। परिवार ने तुरंत बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने रेबीज वैक्सीन और अन्य इंजेक्शन लगा दिए गए हैं।
घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों ने रोष जताया और सोसाइटी गेट पर जमा होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निवासी बिना नियमों के पेट डॉग रखते हैं, जो बिना म्यूजल या लैश के घूमते हैं और बच्चों-बुजुर्गों के लिए खतरा बन गए हैं। निवासियों ने मांग की कि सोसाइटी में पेट डॉग रखने पर सख्त नियम लागू किए जाएं, सभी कुत्तों को रजिस्टर करवाया जाए और आक्रामक कुत्तों को हटाया जाए। कुछ लोगों ने कहा कि आवारा कुत्तों के अलावा पेट डॉग भी अब खतरा बन रहे हैं।
ओमिक्रोन सूरजपुर थाना पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस ने कुत्ते के मालिक से पूछताछ की है और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कुत्ते को कंट्रोल में लिया गया है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन पुलिस ने कहा कि अगर कुत्ता रेबीज पॉजिटिव निकला तो मालिक पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की सोसाइटीज में आवारा और पेट कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं की कड़ी है। हाल ही में पंचशील ग्रीन्स-2, सिक्का कार्मिक ग्रीन्स और अन्य सोसाइटीज में भी बच्चे कुत्तों के हमले का शिकार बन रहे हैं, जिससे निवासियों में डर का माहौल है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सोसाइटीज में स्ट्रे डॉग कंट्रोल और पेट डॉग रेगुलेशन पर तुरंत कार्रवाई हो। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

