Lubricant crisis in Mumbai: 20% होटल-रेस्टोरेंट बंद, 50% तक बंद होने की चेतावनी

Lubricant crisis in Mumbai: मुंबई में कमर्शियल LPG सिलेंडर की भारी कमी ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को गंभीर संकट में डाल दिया है। AHAR (ऑल होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन) के अनुसार, शहर के लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं, क्योंकि कमर्शियल गैस की सप्लाई रुक गई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो दिनों में स्थिति नहीं सुधरी, तो शहर के 50% तक होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की आशंका है।

यह संकट रविवार से शुरू हुआ, जब कमर्शियल LPG सिलेंडरों की डिलीवरी पूरी तरह ठप हो गई है। कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि उनके पास स्टॉक सिर्फ 1-2 दिनों का बचा है, जिसके बाद वे मेन्यू में आइटम्स कम कर रहे हैं या ऑपरेशन सीमित कर रहे हैं। कुछ जगहों पर धीमी पकने वाली डिशेज जैसे दाल मखनी या अन्य पारंपरिक व्यंजन गायब हो गए हैं। यह समस्या सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है—बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और अन्य शहरों में भी यही हाल है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कहा कि 10 मार्च से कई होटल बंद हो सकते हैं। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने इसे “कैटास्ट्रोफिक क्लोजर” करार दिया और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।

कारण:
वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे संघर्ष, खासकर ईरान-इजरायल तनाव और अमेरिका-इजरायल की कार्रवाइयों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रूट प्रभावित हुए हैं, जिससे LPG की इंपोर्ट और सप्लाई चेन बाधित हुई है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सप्लाई रोक दी है। कई राज्यों में घरेलू सिलेंडर बुकिंग की समयसीमा 25 दिनों तक बढ़ा दी गई है ताकि जमाखोरी रोकी जा सके। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में भी 2 से 8 दिनों का विलंब हो रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया
पेट्रोलियम मंत्रालय ने OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) के तीन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की कमिटी बनाई है, जो होटल, रेस्टोरेंट और अन्य इंडस्ट्रीज की मांगों की समीक्षा करेगी। मंत्रालय ने रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि प्रभावित रूट्स से अलग इंपोर्ट चैनल सक्रिय हैं और ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, खासकर रमजान सीजन में, इस संकट से बुरी तरह प्रभावित है। इंडस्ट्री का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो हजारों रेस्टोरेंट और होटल बंद होने से रोजगार और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। स्थिति पर सभी की नजर टिकी है कि अगले 48 घंटों में क्या सुधार होता है।

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