I will return only to a ‘free Iran’: एलनाज नोरौजी का महिलाओं की आजादी पर बड़ा बयान, भारत की तारीफ- ‘यहां बुर्का भी पहनो, शॉर्ट्स भी, कोई नहीं मारता’

I will return only to a ‘free Iran’: बॉलीवुड में ‘मस्ती 4’, ‘जुग जुग जीयो’ और ‘सैक्रेड गेम्स’ से मशहूर ईरानी मूल की एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी ने एक बार फिर ईरान की महिलाओं की दयनीय स्थिति पर खुलकर बोलते हुए कहा है- “एक फ्री ईरान में मैं अपने घर लौटूंगी। वहां महिलाओं को आवाज मिले, तब जाकर मैं परिवार से मिलने जाऊंगी, फिर अपने दूसरे देश भारत लौट आऊंगी जहां मैं बहुत खुश और सुरक्षित महसूस करती हूं।”

एलनाज ने हाल ही में शैली जोमोरोडी के इंस्टाग्राम पोस्ट में दिए इंटरव्यू में भारत की तारीफ की। उन्होंने कहा, “भारत में आप चाहें तो बुर्का पहन सकती हैं, चाहें तो सड़क पर शॉर्ट्स। लेकिन ईरान में सरकार के खिलाफ बोलने पर आपको मार दिया जाता है।” उन्होंने जोर दिया कि ईरान में 47 साल से महिलाओं की आवाज दबाई जा रही है। 95% महिला साक्षरता के बावजूद बच्ची की शादी बुजुर्ग से, स्टेडियम में महिलाओं पर प्रतिबंध, बराबर उत्तराधिकार न मिलना, महिला जज न बन पाना जैसी समस्याएं अब भी बरकरार हैं।

ताजा खुलासे और खतरे की बात
पिछले कुछ दिनों में एलनाज ने और भी चौंकाने वाले खुलासे किए। 7 मार्च को उन्होंने ‘द फ्री प्रेस जर्नल’ को बताया कि ईरान की ‘मोरैलिटी पुलिस’ ने उन्हें हिरासत में लिया था। उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरी तस्वीरें मेरे नाम के साथ लीं, ठीक वैसे जैसे जेल में होता है। वे ट्रैक रखते हैं कि कितनी बार आपको हिरासत में लिया गया।” एलनाज ने इसे अपनी जिम्मेदारी बताया- “मैं इसे रिस्क नहीं, बल्कि उन लड़कियों के लिए आवाज उठाने का काम मानती हूं जो रोज इस पीड़ा से गुजर रही हैं।”

कुछ दिन पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर एलनाज ने खुशी जताई थी। उन्होंने इसे “सबसे अद्भुत खबर” बताया और कहा कि यह तानाशाही का अंत है। लेकिन इसके बाद उन्होंने खुलासा किया- “वे लोग मुझे मार डालेंगे। मैं ईरान में पैर भी नहीं रख सकती। मेरे परिवार को मेरी सुरक्षा की चिंता सता रही है।” 2022 में महसा अमीनी की हत्या के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही वे ईरान नहीं लौट पाई हैं।

एलनाज का सफर और भारत से लगाव
तेहरान में जन्मी एलनाज 8 साल की उम्र में परिवार के साथ जर्मनी चली गईं। बाद में मॉडलिंग के लिए भारत आईं और यहीं बस गईं। उन्होंने कहा, “भारत मेरा दूसरा देश है। यहां मैं बोल सकती हूं, पहन सकती हूं जो चाहूं। ईरान में परिवार है, लेकिन वहां की सरकार लोगों की आवाज नहीं सुनती। मैं और विदेश में रह रहे कई ईरानी उन 7.5 करोड़ लोगों की आवाज बनने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें बोलने की इजाजत नहीं।”

एलनाज ने साफ किया कि उनका विरोध केवल इस्लामिक रिपब्लिक रिजीम के खिलाफ है, देश या लोगों के खिलाफ नहीं। वे कहती हैं- “ईरान और इजरायल के बीच पहले अच्छे संबंध थे, लेकिन यह रिजीम इजरायल को नक्शे से मिटाना चाहता है।”

प्रतिक्रियाएं और मांग
एलनाज के बयानों पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। कुछ लोग उन्हें समर्थन दे रहे हैं तो कुछ आलोचना भी कर रहे हैं। लेकिन एक्ट्रेस अडिग हैं- “मैं चुप नहीं रह सकती। यह मेरा कर्तव्य है।” महिलाओं की आजादी के लिए एलनाज की पुकार ऐसे समय में आई है जब ईरान में राजनीतिक बदलाव की चर्चाएं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एलनाज जैसी हस्तियां विदेश में रहकर ईरानी महिलाओं की लड़ाई को वैश्विक मंच दे रही हैं। एलनाज का संदेश साफ है- जब तक ईरान में महिलाओं को बोलने की आजादी, कपड़ों की स्वतंत्रता और बराबरी नहीं मिलेगी, वे अपने घर नहीं लौटेंगी। फिलहाल वे भारत में ही फिल्में कर रही हैं और अपनी आवाज को मजबूत बना रही हैं।

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