The government’s major announcement: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति और शिपिंग रूट प्रभावित होने के बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत दी है। सूत्रों के मुताबिक, देश के पेट्रोलियम भंडार “दिन-प्रतिदिन” बढ़ रहे हैं, जिससे किसी भी संभावित आपूर्ति झटके से निपटने की पूरी तैयारी है।
पेट्रोलियम सचिव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया, “हमारे रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) और रिफाइनरियों के स्टॉक पिछले एक महीने में काफी बढ़े हैं। वर्तमान में हम 90 दिनों से ज्यादा का बफर स्टॉक रखते हैं, जो किसी भी वैश्विक संकट में पर्याप्त है।” सरकार ने यह भी संकेत दिया कि रूस से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आयात बढ़ाने पर सक्रिय विचार चल रहा है। रूसी LNG सस्ता और उपलब्ध है, जिससे यूरोप-एशिया में बिगड़ते हालात के बीच ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव और भारत का बचाव
इजरायल-ईरान तनाव और लाल सागर में हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 75-78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। कई शिपिंग कंपनियां केप ऑफ गुड होप का लंबा रूट ले रही हैं, जिससे परिवहन लागत बढ़ रही है। लेकिन भारत की स्थिति मजबूत है क्योंकि:
• रूस से कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर है (लगभग 40% हिस्सा)
• घरेलू उत्पादन (ONGC, Reliance) में बढ़ोतरी
• रणनीतिक भंडार में लगातार इजाफा
सूत्रों ने बताया कि मार्च 2026 में औसत कच्चा तेल आयात मूल्य 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना हुआ है, इसलिए तत्काल मूल्य वृद्धि की कोई जरूरत नहीं।
उपभोक्ताओं को राहत, अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले 18 महीनों से लगभग स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर पर ही है। सरकार का यह फैसला महंगाई नियंत्रण और आम जनता की राहत के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कीमतें बढ़तीं तो ट्रांसपोर्ट, खेती और उद्योग पर बोझ पड़ता। मंत्रालय ने यह भी कहा कि रूसी LNG के लिए Gazprom और Novatek जैसी कंपनियों से बातचीत चल रही है। इससे पावर और फर्टिलाइजर सेक्टर को सस्ती गैस मिलेगी और कुल ऊर्जा आयात बिल में 10-12% की बचत हो सकती है।
विपक्षी प्रतिक्रिया कांग्रेस ने सरकार पर “रूस पर निर्भरता बढ़ाने” का आरोप लगाया, लेकिन सरकार ने जवाब दिया कि विविधीकरण की नीति के तहत अमेरिका, सऊदी अरब और UAE से भी आयात जारी है। कुल मिलाकर, सरकार का यह आश्वासन बाजार को संतुलित रखेगा। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, “जनता निश्चिंत रहे। हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।”

