America’s big revelation: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि रूस ईरान को मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों, विमानों और जहाजों के सटीक लोकेशन की जानकारी मुहैया करा रहा है। यह खुफिया सहयोग ईरान को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने में मदद कर सकता है, जिससे अमेरिकी सैनिकों की जान को खतरा बढ़ गया है।
यह जानकारी सबसे पहले वाशिंगटन पोस्ट ने रिपोर्ट की, जिसकी पुष्टि दो अमेरिकी खुफिया सूत्रों और एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने एबीसी न्यूज को दी। अधिकारी ने बताया कि रूस तेहरान को इंटेलिजेंस सप्लाई कर रहा है, हालांकि सटीक डेटा का प्रकार स्पष्ट नहीं बताया गया। यह सहयोग ईरान-इजराइल तनाव के बीच चल रही ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान सामने आया है, जिसमें अमेरिका और इजराइल संयुक्त रूप से ईरान पर हमले कर रहे हैं।
संघर्ष की पृष्ठभूमि और हालिया घटनाएं
ईरान-इजराइल संघर्ष 1 मार्च 2026 से तेज हुआ है। अमेरिका-इजराइल की संयुक्त हवाई कार्रवाई में ईरान के 3,000 से अधिक सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हमले किए गए। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के अनुसार, ईरान के मिसाइल लॉन्चरों का 60% नष्ट हो चुका है। ईरान ने जवाब में इजराइल, अमेरिकी बेस और खाड़ी देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए।
इस बीच:
• 1 मार्च को कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए।
• 4 मार्च को कतर में अमेरिका का सबसे बड़ा मध्य पूर्व बेस मिसाइल से प्रभावित हुआ।
• 27,000 से अधिक अमेरिकी नागरिक मध्य पूर्व से स्वदेश लौट चुके हैं।
व्हाइट हाउस का रुख: “हम जीत रहे हैं, कोई फर्क नहीं पड़ रहा”
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने 6 मार्च को कहा, “रूस का यह कदम हमारी कार्रवाई पर कोई असर नहीं डाल रहा। हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को बुरी तरह कमजोर कर दिया है और लगभग 30 जहाज नष्ट किए जा चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरान के साथ कोई डील नहीं, सिवाय अनकंडीशनल सरेंडर के।”
रूस-ईरान संबंधों पर सवाल
रूस ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा था कि ईरान ने रूस से मदद नहीं मांगी। वहीं, ईरान की ओर से भी इस रिपोर्ट पर कोई बयान नहीं आया है।अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और सीआईए ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
ताजा अपडेट (7 मार्च 2026 तक)
• ईरान के प्रमुख हवाई अड्डे पर विस्फोट की खबरें आ रही हैं, जबकि इजराइल ने तेहरान और इस्फहान में “नई लहर” के हमले पूरे किए।लेबनान में यूएन पीसकीपर्स के बेस पर गोलीबारी में 3 घायल। अमेरिका मिनाब में स्कूल हमले की जांच कर रहा है, जिसमें 168 बच्चे मारे गए थे। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा रहा है। अमेरिका का कहना है कि उसके सैन्य अभियान जारी रहेंगे, जबकि रूस-ईरान के बढ़ते संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए नई चिंता पैदा कर रहे हैं। यह स्थिति तेजी से बदल रही है। आगे की खबरों के लिए बने रहिए।

