सोशल मीडिया पर वायरल दावा सोशल मीडिया (खासकर X/ट्विटर) पर कई पोस्ट्स वायरल हो रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि युवराज के पिता राजकुमार मेहता यूपी पुलिस और जांच प्रक्रिया से इतने आहत हुए कि उन्होंने भारत छोड़ दिया है। कहा जा रहा है कि वे अपनी बेटी के साथ लंदन जाकर स्थायी रूप से बस गए हैं। कुछ पोस्ट्स में लिखा है: “न्याय न मिलने से आहत पिता राजकुमार मेहता बेटी के साथ लंदन चले गए। एक महीने बाद भी SIT जांच में कोई प्रगति नहीं। परिवार का सिस्टम से भरोसा टूटा।”
पिता का स्पष्ट जवाब: कुछ समय के लिए बेटी के पास यूके गए मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजकुमार मेहता से संपर्क करने पर उन्होंने वॉट्सऐप पर स्पष्ट किया कि वे कुछ समय के लिए अपनी बेटी के पास यूके (लंदन) में रहने आए हैं। कारण बताया कि नोएडा में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है (पत्नी का पहले निधन हो चुका है, और वे अकेले रहते थे)। उन्होंने कहा, “मुझे एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार है। युवराज के लिए न्याय की मांग को लेकर मीडिया का धन्यवाद।” उन्होंने यह नहीं कहा कि वे भारत हमेशा के लिए छोड़ रहे हैं या स्थायी रूप से बस गए हैं।
SIT जांच की स्थिति उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की थी, जिसे 5 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। एसआईटी ने 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए, CCTV फुटेज, लोकेशन डेटा और रेस्क्यू ऑपरेशन की जांच की। प्रारंभिक निष्कर्षों में “मल्टीपल सिस्टम फेलियर” की बात कही गई—रेस्क्यू में देरी, सुरक्षा उपायों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही। हालांकि, फरवरी 2026 तक फाइनल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे परिवार और जनता में नाराजगी का कारण बन गई है।
परिवार की स्थिति घटना के 16 दिन बाद बेटी ग्रेटर नोएडा आई, पिता के साथ कुछ दिन रुकी, फिर उन्हें दिल्ली ले गई और लंदन साथ लेकर चली गई। राजकुमार मेहता सदमे और अकेलेपन में थे, इसलिए बेटी के पास जाना स्वाभाविक लगता है। कई रिपोर्ट्स में इसे “भारत छोड़ना” बताकर सनसनी फैलाई जा रही है, लेकिन पिता ने खुद इसे अस्थायी बताया है। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही, सुरक्षा मानकों की कमी और न्याय में देरी को उजागर करता है। युवराज जैसे युवा की मौत ने पूरे देश को झकझोरा था। उम्मीद है कि SIT रिपोर्ट जल्द आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों। परिवार को शांति और न्याय मिले, यही कामना है।

