यह नियुक्ति मंगलवार (3 फरवरी 2026) को IDF के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मंजूर की गई। एला वावेया को लेफ्टिनेंट कर्नल के रैंक पर प्रमोट किया जाएगा और अगले हफ्ते औपचारिक हैंडओवर समारोह आयोजित होगा। कर्नल अदराई, जो 2005 से इस पद पर थे, ने स्वेच्छा से पद छोड़ने का अनुरोध किया था।
कौन हैं मेजर एला वावेया? एला वावेया इजरायल के केंद्रीय अरब शहर कलांसवा (Qalansuwa) की रहने वाली हैं और एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने 2013 में स्वेच्छा से IDF में भर्ती होने का फैसला किया था। शुरुआत में उन्होंने अपनी सेवा को परिवार और समाज से छुपाया था, लेकिन बाद में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें व्यापक सम्मान दिलाया। वर्तमान में वह कर्नल अदराई की डिप्टी के रूप में कार्यरत थीं और अरबी मीडिया ब्रांच की प्रमुख थीं।
एला सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। टिकटॉक पर उनके 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं और वह ‘कैप्टन एला वीडियोज’ सीरीज के जरिए इजरायल और IDF के बारे में अरब समाज को जानकारी देती आ रही हैं। वह इजरायली अरब आबादी और व्यापक अरब दुनिया के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनी हुई हैं।
ऐतिहासिक महत्व यह पहली बार है जब किसी अरब मुस्लिम महिला को IDF में इतना महत्वपूर्ण पद सौंपा गया है। एला अब सेना की सबसे वरिष्ठ मुस्लिम महिला अधिकारी होंगी। यह नियुक्ति इजरायली समाज में अरब नागरिकों की बढ़ती भागीदारी और समावेशिता का प्रतीक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अरब मीडिया और मध्य पूर्व के दर्शकों से संवाद को और मजबूत करेगा।
इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोग इसे इजरायल में अल्पसंख्यकों के लिए नए अवसरों का संकेत बता रहे हैं।

