Lok Sabha in uproar: राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख नरावणे के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र किया, सदन दिन भर के लिए स्थगित

Lok Sabha in uproar: संघ बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरावणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के अंशों का जिक्र किया।

राहुल गांधी ने 2020 के गलवान संघर्ष और लद्दाख में चीन के साथ तनाव के संदर्भ में पुस्तक में वर्णित दावों का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने तीव्र आपत्ति जताई और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः लोकसभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में दावा किया कि पुस्तक में जनरल नरावणे ने गलवान घटना के दौरान राजनीतिक नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों और चीन की सेना की टैंकों के साथ आगे बढ़ने का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि वह केवल पूर्व सेना प्रमुख की बात दोहरा रहे हैं और केंद्र सरकार इस पुस्तक के प्रकाशन को रोक रही है। राहुल ने सदन में पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन छोड़ कर क्यों चले गए, तथा बाहर मीडिया से कहा, “पीएम भाग गए।”

सत्ता पक्ष की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुस्तक अप्रकाशित है, इसकी प्रामाणिकता सत्यापित नहीं है और इसका जिक्र करके राहुल गांधी संसदीय विशेषाधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। भाजपा ने जनरल नरावणे का पुराना वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की कोई जमीन चीन के पास नहीं गई और स्थिति पूर्ववत है।

हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 3 बजे तक, फिर 4 बजे तक और अंत में दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। जनरल नरावणे ने पहले एक कार्यक्रम में कहा था कि पुस्तक का मामला प्रकाशक और रक्षा मंत्रालय के बीच लंबित है, क्योंकि सेवानिवृत्त अधिकारियों की किताबों के लिए मंत्रालय की मंजूरी जरूरी होती है।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी ने एक पत्रिका (द कारवां) में छपे अंशों का हवाला दिया, जिसमें पुस्तक के आधार पर गलवान संकट में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है, जबकि भाजपा इसे सेना का मनोबल गिराने की कोशिश बता रही है।

बजट सत्र के दौरान यह हंगामा बजट चर्चा को प्रभावित कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए बजट पर विपक्ष पहले से ही आलोचना कर रहा था, लेकिन आज का विवाद मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और गलवान मुद्दे पर केंद्रित रहा। सदन की कार्यवाही कल फिर शुरू होगी।

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