Noida News: नोएडा के सेक्टर 150 में हुए हादसे में इंजीनियर युवराज मेहता की जान चली गई। जान बचाई जा सकती थी ये सवाल हर व्यक्ति उठा रहा है, लेकिन एसआईटी ने जांच की और उसमें कौन दोषी है और कौन निर्दोष अब तक सामने नहीं आया है। छन छन कर आ रही खबरों के मुताबिक प्राधिकरण के नियोजन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अफसरों से सवाल जवाब
एसआईटी ने जब अफसरों से सवाल जवाब किये तो उन्होंने नियोजन विभाग के महाप्रबंधक की भी इसमें घोर लापरवाही के सबूत दिए हैं। सूत्रों के अनुसार 7 जुलाई 2021- जलखंड-2 के वरिष्ठ प्रबंधक ने वर्क सर्कल-10 के प्रभारी को पत्र भेजा। यह लिखा कि सेक्टर-150 में खाली पड़े भूखंड में जलभराव हो रहा है। 14, 15, 16, 17, 19 अगस्त को यहाँ का पानी पंप के जरिए निकाला गया है। नाला टूटा हुआ है जिससे पानी प्लाट में भर रहा है। इसके बाद 27 जून 2022- जलखंड-2 वरिष्ठ प्रबंधक ने ओएसडी ग्रुप हाउसिंग को पत्र भेजा। इस पत्र भाजपा महानगर के सोशल मीडिया सहसंयोजक अभिषेक कमल श्रीवास्तव की शिकायत का उल्लेख है। इसके बाद करवाए गए निरीक्षण में सामने आया कि स्पोर्ट्स सिटी के प्लाट नंबर-2 के आवंटी द्वारा निर्माण कार्य के लिए काफी गहराई से मिट्टी खोदाई करवाई गई थी। जिस पर अब तक कोई काम नही हसे रहा है। फिर से 30 जून 2022- वर्क सर्कल-10 के वरिष्ठ प्रबंधक की तरफ से ओएसडी ग्रुप हाउसिंग और नियोजन को पत्र भेजा गया। इसमें बताया गया कि स्पोर्ट्स सिटी के प्लाट नंबर-2 के प्लाट-ए3 पर विजटाउन बिल्डर की तरफ से बेसमेंट की खोदाई बगैर समुचित प्रबंध के करवाई गई। इतना ही नही 17 अप्रैल 2023- जलखंड-2 के वरिष्ठ प्रबंधक ने महाप्रबंधक नियोजन को पत्र लिखकर बताया कि स्पोर्ट्स सिटी के प्लाट नंबर-2 पर आवंटी द्वारा पूर्व में काफी गहराई से खोदाई करवाई गई। लेकिन अब तक वहां पर कोई निर्माण कार्य नहीं शुरू करवाया गया है। 30 अक्टूबर 2024- जलखंड-2 के वरिष्ठ प्रबंधक ने महाप्रबंधक नियोजन को पत्र भेजा। 28 फरवरी 2025- जलखंड-2 के वरिष्ठ प्रबंधक ने महाप्रबंधक नियोजन को पत्र भेजा। इसमें लिखा है कि स्पोर्ट्स सिटी के प्लाट नंबर-2 में खोदाई के बाद छोड़ी गई जगह पर जलभराव हुआ है। दुर्घटना की आशंका है। बावजूद इसके नियोजन विभाग की और से कोई कदम नही उठाया गया। जिस को लेकर नियोजन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है। देखना है कि एसआईटी इस पूरे मामले में किस किस को दोषी ठहराएगी।
यह भी पढ़ें: बढ रही सांप्रदायिकताः देश में मोहम्मद दीपक की कमी नही, ऐसे फेल हो रहे एंजेडे

