Two dangerous prisoners escaped from Ayodhya District Jail: बैरक तोड़कर दीवार फांदी, जेल अधीक्षक समेत 7 कर्मी सस्पेंड, बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी

Two dangerous prisoners escaped from Ayodhya District Jail: राम नगरी अयोध्या की जिला जेल से दो खतरनाक कैदियों के फरार होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फरार कैदियों की पहचान अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरि (हत्या के प्रयास का मामला) और सुल्तानपुर निवासी शेर अली (दुष्कर्म का मामला) के रूप में हुई है। दोनों कैदी तन्हाई बैरक में बंद थे और रात में बैरक की दीवार तोड़कर बाउंड्री वॉल फांदकर फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। डीजी जेल के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूसी मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही जेलर जे.के. यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेड वार्डर और तीन जेल वार्डरों समेत कुल सात कर्मियों को निलंबित किया गया है। यह बड़ी चूक जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है।

पुलिस और एसटीएफ का बड़ा अभियान
पुलिस ने पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की कई टीमें फरार कैदियों की तलाश में जुटी हुई हैं। आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। अभी तक दोनों कैदी फरार हैं और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मिलीभगत के उठ रहे सवाल
जेल से इस तरह फरार होने की घटना ने अंदरूनी मिलीभगत की आशंका को बल दिया जा रहा है। दोनों कैदी स्पेशल सेल में बंद थे, फिर भी बैरक तोड़कर भागने में सफल रहे। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की कुछ जेलों से कैदियों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे जेल सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।
प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। कैदियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित करने पर भी विचार किया जा रहा है। राम मंदिर की नगरी में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चर्चा छेड़ दी है। मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं कि फरार कैदी कब पकड़े जाएंगे।

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