Police crackdown on drug traffickers in Muzaffarnagar: 4 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क, योगी सरकार के अभियान को मिली मजबूती

Police crackdown on drug traffickers in Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मीरापुर थाना पुलिस ने दो सगे भाइयों—लोकेंद्र और योगेंद्र—की करीब 4 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को ढोल-नगाड़ों और सार्वजनिक मुनादी के साथ कुर्क कर लिया। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी के आदेश और कोर्ट की मंजूरी के बाद पूरी की गई।

घटना की जड़ें पिछले साल सितंबर में हुई गिरफ्तारी से जुड़ी हैं। बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के मंदवाड़ा गांव के रहने वाले दोनों भाई लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थे। 9 सितंबर 2025 को मीरापुर पुलिस ने उन्हें भारी मात्रा में अवैध ड्रग्स के साथ पकड़ा था। जांच में पता चला कि नशे के इस काले धंधे से दोनों ने मकान, जमीन और अन्य संपत्तियां बनाई थीं। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(F) के तहत इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

पुलिस ने कार्रवाई को जनता के सामने प्रतीकात्मक रूप से अंजाम दिया—गांव में ढोल पिटवाए गए, मुनादी कराई गई और तख्तियां लगाई गईं। इसका मकसद स्पष्ट था: अपराध से कमाई गई दौलत सुरक्षित नहीं रहेगी।

‘ऑपरेशन सवेरा’ को मिला बल
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत चल रहे राज्यव्यापी “ऑपरेशन सवेरा” का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “अब हम केवल गिरफ्तारी तक नहीं रुकेंगे। नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को लगातार कुर्क किया जाएगा। यह संदेश समाज तक पहुंचाना जरूरी है कि अपराध का पैसा लंबे समय तक नहीं टिकेगा।”

28 जनवरी 2026 तक जिले में इस अभियान के तहत कई अन्य मामलों में भी संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक साल में मुजफ्फरनगर में नशा तस्करी से जुड़े 15 से ज्यादा बड़े मामलों में 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

राज्य में बढ़ता अभियान
उत्तर प्रदेश में 2025-26 में नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल राज्य में 1.20 लाख से ज्यादा एनडीपीएस केस दर्ज हुए और हजारों किलो ड्रग्स जब्त किए गए। योगी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि न केवल तस्करों को पकड़ा जाए, बल्कि उनकी अवैध कमाई को भी खत्म किया जाए। कई जिलों में ढोल-नगाड़ों वाली मुनादी अब आम हो गई है, ताकि लोग अपराध के परिणामों से अवगत रहें।

स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। मंदवाड़ा गांव के कुछ निवासियों ने कहा कि नशे का कारोबार इलाके की युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा था। पुलिस की इस सख्ती से अब डर का माहौल बनेगा।

पुलिस का कहना है कि अभियान जारी रहेगा और जल्द ही अन्य बड़े तस्करों पर भी इसी तरह की कार्रवाई होगी।

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